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सारंगढ़-बिलाईगढ़// खरीफ सीजन के बीच तहसील सरिया क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। साल्हेओना और बरगांव कृषि शाख सहकारी समितियों से जुड़े किसानों ने KCC लोन और रासायनिक खाद की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों ने सामूहिक बैठक कर अपनी समस्याओं पर चर्चा की और इसके बाद कलेक्टर पद्मिनी भोई तथा सहायक आयुक्त सहकारिता को मांगपत्र सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।

KCC लोन नहीं मिलने से किसानों की बढ़ी परेशानी
किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन में खेती के लिए खाद, बीज, मजदूरी और अन्य कृषि सामग्री की जरूरत है, लेकिन साल्हेओना सहकारी समिति में KCC लोन नहीं मिलने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने मांग की है कि समिति से जुड़े पात्र किसानों को जल्द KCC सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे समय पर खेती का काम पूरा कर सकें। किसानों के अनुसार, समिति की वित्तीय स्थिति और क्रेडिट लिमिट से जुड़ी समस्या के कारण फिलहाल KCC लोन स्वीकृत नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द निराकरण कराने की मांग की है।
प्रति एकड़ एक बोरी DAP और दो बोरी यूरिया की मांग
किसानों ने खाद की उपलब्धता को लेकर भी अपनी परेशानी सामने रखी है। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र के किसानों को न्यूनतम आवश्यकता के अनुसार प्रति एकड़ एक बोरी DAP और दो बोरी यूरिया उपलब्ध कराया जाए। किसानों का कहना है कि धान की फसल के इस महत्वपूर्ण समय में खाद की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से खेती प्रभावित हो सकती है। इसलिए समितियों के माध्यम से खाद की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
ग्राम सेवक और पटवारी को लेकर भी शिकायत
मांगपत्र में किसानों ने साल्हेओना के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को मुख्यालय में अधिक समय उपलब्ध रहने और किसानों की समस्याएं सुनने के लिए निर्देशित करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि कृषि से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किसानों को समय पर संबंधित कर्मचारी से संपर्क मिलना जरूरी है। इसके अलावा किसानों ने बिलाईगढ़ अ के एक पटवारी द्वारा किसानो के मोबाइल नंबर ब्लॉक किए जाने की शिकायत भी की है। किसानों ने मांग की है कि क्षेत्र के किसानों के फोन कॉल रिसीव करने और आवश्यक राजस्व संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए संबंधित कर्मचारी को निर्देशित किया जाए।
सामूहिक बैठक के बाद सौंपा मांगपत्र
किसानों ने बताया कि यह मांग किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सहकारी समितियों से जुड़े किसानों की सामूहिक समस्या है। इसके लिए किसानों की कमेटी बनाकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें समस्याओं पर चर्चा के बाद मांगपत्र तैयार किया गया। किसान प्रतिनिधिमंडल में युवराज चौधरी, उग्रसेन साहू, करुणासागर पटेल, अगनू पटेल, मोहन पटेल, भुवनविजय मालाकार, कुशल प्रसाद पटेल, विजय पटेल, नवसागर पटेल, बोधराम पटेल, रामकुमार पटेल, सुभास पटेल, ईश्वर साहू, धर्मेंद्र पटेल, महेन्द्र पटेल, गोपाल पटेल, मधुसूदन सिदार, लोचन पटेल, नवीन पटेल, सतपीर पटेल, नरेश पटेल, अरविन्द इजारदार, ठाकुरराम पटेल, श्यामकुमार पटेल, रेशम पटेल और श्याम पटेल सहित अन्य किसान शामिल रहे।
अधिकारी ने बताई KCC की वजह
इस मामले में सहकारिता विभाग के सहायक अधिकारी कामेश सिंह कश्यप ने बताया कि साल्हेओना क्षेत्र के किसान अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि साल्हेओना सहकारी समिति की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और क्रेडिट लिमिट नहीं होने के कारण KCC लोन स्वीकृत नहीं हुआ है। वहीं रासायनिक खादों का वितरण निर्धारित सर्कुलेशन के अनुसार कराया गया है। अब किसानों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। किसानों का कहना है कि खेती का सीजन समयबद्ध होता है, इसलिए KCC और खाद से जुड़ी समस्या का समाधान जल्द होना जरूरी है, ताकि किसानों को आर्थिक परेशानी के बीच खेती प्रभावित न हो।



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