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रायगढ़// गुम नाबालिग बच्चों की तलाश और उन्हें सकुशल वापस लाने के लिए चलाए जा रहे अभियान संवेदना के तहत पुसौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पुसौर थाना क्षेत्र से लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से सकुशल बरामद किया है। मामले में बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले 22 वर्षीय युवक को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 16 वर्षीय बालिका 18 फरवरी 2026 को घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश की, लेकिन बालिका का पता नहीं चला। इसके बाद 22 फरवरी को थाना पुसौर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2) में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जम्मू में होने की मिली जानकारी
जांच के दौरान पुलिस ने बालिका के परिजनों और सहेलियों से पूछताछ कर लगातार उसकी तलाश की। पुलिस को जानकारी मिली कि बालिका एक युवक के साथ जम्मू में है। इसके बाद एसआई कुंदन लाल गौर के नेतृत्व में पुलिस टीम जम्मू रवाना की गई। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि बालिका और संदेही युवक जम्मू से वापस सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में लौट आए हैं। सूचना मिलते ही पुसौर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिलाईगढ़ स्थित युवक के घर पर दबिश दी। यहां से 16 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद कर पुलिस ने अपने संरक्षण में लिया।
शादी का प्रलोभन देकर जम्मू ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, बालिका का महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष कथन कराया गया। बालिका ने बताया कि आरोपी युवक उसे शादी का प्रलोभन देकर जम्मू ले गया था, जहां दोनों मजदूरी करते थे। बालिका के कथन, मेडिकल रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आरोपी द्वारा शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण किए जाने की बात सामने आने पर मामले में बीएनएस की धारा 64(2)(एम) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 जोड़ी गई। मामले में आयुष केंवट पिता सीता शरण केंवट, उम्र 22 वर्ष, निवासी थाना बिलाईगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
बालिका की तलाश, सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिव्या बंजारे, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, प्रधान आरक्षक बसंत पाण्डेय और आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि गुमशुदा बच्चों की सकुशल बरामदगी के साथ ही महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनकी सकुशल वापसी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुमशुदगी की प्रत्येक सूचना पर संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाने और उनके विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


