सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री-सेवन पर क्या है कोटपा एक्ट? जानिए कानून, धाराएं और जुर्माने के प्रावधान..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत तंबाकू और अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले नुकसान को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। तंबाकू के सेवन से होने वाली हानियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समाज को तंबाकू मुक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA Act) 2003 के तहत कई तरह के प्रतिबंध और कानूनी प्रावधान किए गए हैं।

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तंबाकू उत्पादों के क्रय-विक्रय, 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को तंबाकू की बिक्री, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बिक्री, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, विज्ञापन और तंबाकू उत्पादों के भंडारण आदि को लेकर व्यापारियों और होटल संचालकों को नियमों की जानकारी होना जरूरी है। नियमों का पालन करने से कार्रवाई और जुर्माने से बचा जा सकता है।

कोटपा एक्ट की प्रमुख धाराएं और सजा

धारा 4 : सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान प्रतिबंधित

कोटपा एक्ट की धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना प्रतिबंधित है। नियम का उल्लंघन करने पर 200 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माना देने से इंकार करने पर हिरासत में लिए जाने का प्रावधान भी बताया गया है।

धारा 5 : तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक

धारा 5 के तहत सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध है। इसके उल्लंघन पर पहली बार 1,000 रुपये तक का जुर्माना या 2 वर्ष तक की कारावास या दोनों का प्रावधान है। वहीं दूसरी बार उल्लंघन करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना या 5 वर्ष तक की कारावास हो सकती है।

धारा 6 : 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को बिक्री पर रोक

  • धारा 6 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पाद बेचना, बिक्री के लिए उपलब्ध कराना या बिक्री की अनुमति देना प्रतिबंधित है।
  • धारा 6 (A) के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचने पर कार्रवाई का प्रावधान है।
  • धारा 6 (B) के तहत किसी शैक्षणिक संस्थान की 100 गज की परिधि में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। इन नियमों के उल्लंघन पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। नियमों का पालन नहीं करने पर हिरासत में लिए जाने का भी प्रावधान बताया गया है।

धारा 7 : पैकेट पर सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी जरूरी

कोटपा एक्ट की धारा 7 के तहत सभी तंबाकू उत्पादों की पैकिंग पर सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी होना जरूरी है। पहली बार उल्लंघन करने पर निर्माता के खिलाफ 5,000 रुपये तक का जुर्माना या 2 वर्ष तक की कारावास का प्रावधान है। दोबारा उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना या 5 वर्ष तक की कारावास हो सकती है।इसी तरह विक्रेता या वितरक के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। पहली बार अपराध पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना या 1 वर्ष तक की कारावास या दोनों तथा दोबारा अपराध करने पर 3,000 रुपये तक का जुर्माना या 2 वर्ष तक की कारावास का प्रावधान बताया गया है।

किन स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है?

कोटपा एक्ट में सार्वजनिक स्थानों को भी परिभाषित किया गया है। इनमें प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम), खुले प्रेक्षागृह, स्टेडियम, स्वास्थ्य संस्थान, अस्पताल भवन, कार्यस्थल, शैक्षणिक संस्थान, पुस्तकालय, मनोरंजन केंद्र, सिनेमा घर, शॉपिंग मॉल, रेस्तरां, होटल, जलपान कक्ष, कॉफी हाउस, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, हवाई अड्डे, सरकारी कार्यालय, न्यायालय भवन, सार्वजनिक वाहन, डिस्कोथेक, पब और बार आदि शामिल हैं। इन स्थानों के मालिक, स्वामी, प्रबंधक या पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी है कि वे धूम्रपान संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।

भवन के प्रवेश द्वार और यदि भवन में एक से अधिक मंजिल हैं तो प्रत्येक मंजिल पर माचिस, ऐशट्रे, लाइटर या धूम्रपान से संबंधित अन्य वस्तुएं उपलब्ध नहीं कराई जानी चाहिए। इन व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित मालिक या प्रबंधक की होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई और जुर्माना हो सकता है।नियमानुसार संबंधित स्थान पर स्मोकिंग जोन बनाया जा सकता है, लेकिन उसके संबंध में स्पष्ट रूप से सूचना प्रदर्शित करना जरूरी होगा।

धूम्रपान रहित क्षेत्र का बोर्ड लगाना जरूरी

सार्वजनिक स्थानों के मालिकों को धूम्रपान रहित क्षेत्र (No Smoking Area) का बोर्ड लगाना आवश्यक है। बोर्ड का आकार 30 सेंटीमीटर x 60 सेंटीमीटर होना चाहिए। बोर्ड पर मालिक का नाम और फोन नंबर भी अंकित होना चाहिए। इसी तरह शैक्षणिक संस्थानों में “तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान” का बोर्ड लगाया जाना जरूरी है। इसमें यह जानकारी प्रदर्शित की जानी चाहिए कि शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री दंडनीय अपराध है। नियम के उल्लंघन पर 200 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस बोर्ड पर संस्था प्रभारी का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर भी अंकित किया जाना चाहिए।

तंबाकू मुक्त समाज बनाने का उद्देश्य

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों के नुकसान के प्रति जागरूक करना तथा विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को तंबाकू की लत से दूर रखना है। कोटपा एक्ट के प्रावधानों की जानकारी व्यापारियों, होटल संचालकों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों को होना जरूरी है, ताकि नियमों का पालन किया जा सके। इन सभी प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तंबाकू उत्पादों से दूर रखना, सार्वजनिक स्थानों को धूम्रपान मुक्त बनाना और समाज को तंबाकू मुक्त दिशा में आगे बढ़ाना है।

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