बरमकेला में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस, समाज की एकता और संस्कृति को सहेजने का लिया संकल्प..

शेयर करें...

सारंगढ़-बिलाईगढ़// हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 9 अगस्त को बरमकेला में विश्व आदिवासी दिवस उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का परिचय दिया। इस दौरान समाज के विकास, अधिकारों और आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़कर रखने पर भी चर्चा हुई।

Join WhatsApp Group Click Here

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. संध्या भोई, प्राचार्य वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीएल सिदार, अधीक्षण अभियंता विद्युत मंडल छत्तीसगढ़ ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में तेजराम सिदार, अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज विकासखंड बरमकेला, सहोद्रा सिदार, जिला पंचायत सदस्य, राधा विनोद सिदार, सुशीला बरिहा, रजनी महेंद्र एक्का, लक्ष्मीचरण सिदार, विश्वदेव भोय, उर्मिला सिदार, कोलामणि सिदार, राजेंद्र सिदार, रमा मंगलू सिदार (पार्षद नगर पंचायत बरमकेला), शकुन्तला सिदार (पार्षद नगर पंचायत सरिया) और प्यारी भगत सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

संस्कृति और परंपराओं को सहेजने पर जोर

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, लोककला और प्रकृति के साथ जुड़ी जीवनशैली से है। बदलते समय के साथ समाज को शिक्षा, रोजगार और विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को भी सुरक्षित रखना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की एकजुटता और सामाजिक अधिकारों को लेकर भी विचार रखे गए। उपस्थित लोगों ने समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और युवा पीढ़ी को सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का संचालन भागीरथी मलिक और मोहर सिंह सिदार ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सामाजिक एकता, संस्कृति के संरक्षण और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

Scroll to Top