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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सरिया में बन रहे 100 बिस्तर अस्पताल के निर्माण को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सरिया के अध्यक्ष उग्रसेन साहू ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल निर्माण में निर्धारित मापदंडों और तकनीकी नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

शुरुआत से ही निर्माण कार्य पर उठ रहे सवाल
उग्रसेन साहू का आरोप है कि अस्पताल निर्माण की शुरुआत से ही कई तरह की अनियमितताएं देखने को मिली हैं। उन्होंने कहा कि नींव और कॉलम की भराई में मुरुम की जगह छुई मिट्टी का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। इसके अलावा सरिया, गिट्टी और सीमेंट सहित निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। उनका कहना है कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की टीम दो-तीन बार निर्माण स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुकी है और मौके पर मिली कथित खामियों से संबंधित अधिकारियों को भी अवगत कराया गया था।

कलेक्टर की जांच के बाद भी नहीं थमा विवाद
उग्रसेन साहू के मुताबिक शिकायतों के बाद स्वयं कलेक्टर द्वारा भी निर्माण स्थल का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कुछ कमियां सामने आने पर ठेकेदार को फटकार लगाए जाने की बात भी उन्होंने कही। इसके बावजूद निर्माण कार्य में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी जारी रहने का आरोप लगाया गया है।
कॉलम की चौड़ाई और गहराई को लेकर गंभीर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने निर्माण के तकनीकी मापदंडों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि दस्तावेज के अनुसार कॉलम की चौड़ाई 300 एमएम और गहराई 400 एमएम निर्धारित है, लेकिन मौके पर कुछ कॉलम करीब 200 एमएम चौड़े और 300 एमएम गहरे बनाए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माणाधीन अस्पताल के सभी कॉलम और अन्य संरचनाओं की तकनीकी माप कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। उनका आरोप है कि अभी तक जो कमियां सामने आई हैं, वे केवल एक हिस्से की हैं और पूरे निर्माण की जांच होने पर और भी खामियां सामने आने की संभावना है।
निर्माण एजेंसी से पक्ष जानने की कोशिश
मामले में निर्माण एजेंसी के अधिकृत कर्मचारी प्रकाश महंत से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया। उनसे निर्माण की गुणवत्ता और लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन वे संबंधित ठेकेदार और निर्माण कार्य को लेकर स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल जवाब देते नजर आए। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल और भी गंभीर हो गए हैं। हालांकि, निर्माण में गड़बड़ी के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हुआ है या नहीं।
ओपी चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में निर्माण, उठे राजनीतिक सवाल
100 बिस्तर का यह अस्पताल वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विधानसभा क्षेत्र सरिया में बन रहा है। उग्रसेन साहू ने कहा कि एक ओर सरकार और मंत्री की ओर से विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता की बात की जाती है, जीरो टॉलरेंस और जीरो कमीशन की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में महत्वपूर्ण अस्पताल के निर्माण को लेकर इस तरह के सवाल उठना गंभीर विषय है उन्होंने आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्य में वास्तव में नियमों की अनदेखी हो रही है तो यह न केवल सरकारी व्यवस्था पर सवाल है, बल्कि जनता के पैसों के इस्तेमाल से जुड़े गंभीर मुद्दे भी खड़े करता है।
उग्रसेन साहू ने कहा कि 100 बिस्तर का अस्पताल क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए भविष्य की बड़ी स्वास्थ्य सुविधा है। अस्पताल एक बार बनता है और लंबे समय तक जनता के उपयोग में आता है। इसलिए इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष तकनीकी टीम गठित कर पूरे निर्माण कार्य की जांच कराई जाए। निर्माण सामग्री, कॉलम की माप, नींव से लेकर अब तक हुए सभी कार्यों की जांच हो और यदि किसी स्तर पर अनियमितता मिलती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। अब सवाल यह है कि निर्माण को लेकर लगाए जा रहे इन गंभीर आरोपों पर प्रशासन कब तकनीकी जांच कराता है और जांच में क्या सच सामने आता है।



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