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सारंगढ़-बिलाईगढ़// साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिटी कोतवाली सारंगढ़ पुलिस ने म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते से एक वर्ष के भीतर 2 करोड़ 71 लाख 75 हजार 719 रुपये का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है। पुलिस के अनुसार इस खाते से जुड़े मामलों में देश के विभिन्न राज्यों में 56 साइबर शिकायतें दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश बंजारे निवासी ग्राम ग्वालीनडीह, थाना सारंगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(4) और 317(5) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम साइबर ठगों को कमीशन के बदले उपलब्ध कराया था। गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल, समन्वय पोर्टल और विभिन्न साइबर शिकायतों के विश्लेषण के दौरान यह बैंक खाता संदिग्ध पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले कमीशन लेता था। पुलिस ने उसके कब्जे से बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा एक रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल जब्त की है।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय और एसडीओपी स्नेहिल साहू के मार्गदर्शन में की गई। पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रमोद यादव, उप निरीक्षक नरेंद्र मनहर तथा साइबर सेल और थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित करने और उसकी वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता है। कई लोग कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते अपराधियों को उपलब्ध करा देते हैं, लेकिन ऐसा करना स्वयं भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें।


