साल्हेओना धान घोटाला: 6 आरोपी जेल में, लेकिन जांच आखिर कब तक? “कुछ तो गड़बड़ है दया” की चर्चा तेज..

शेयर करें...

सारंगढ़-बिलाईगढ़// साल्हेओना धान उपार्जन केंद्र में करीब 99 लाख रुपये के कथित फर्जीवाड़े के मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लिपिक, भृत्य, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी और चौकीदार को पुलिस जेल भेज चुकी है, लेकिन मामले में प्राधिकृत अधिकारी और नोडल अधिकारी की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

Join WhatsApp Group Click Here

मामले में जांच अधिकारी एवं थाना प्रभारी सरिया एन.एल. राठिया से फोन पर चर्चा किए जाने पर उन्होंने केवल इतना कहा कि, “प्रकरण में जांच चल रही है।” हालांकि क्षेत्र में अब यही सवाल चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर यह जांच कब तक चलेगी? लोगों का कहना है कि शुरुआती जांच के बाद दो चरणों में कुल 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, फिर भी मुख्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर अब तक कोई स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।

यदि पूरे मामले का क्रमवार अध्ययन किया जाए तो पहले समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर की गिरफ्तारी हुई, फिर कुछ दिनों बाद चार अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ती दिख रही है। ऐसे में क्षेत्र में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब इतने बड़े आर्थिक घोटाले में एक के बाद एक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं तो फिर जिम्मेदारी की अंतिम कड़ी तक जांच पहुंचने में इतनी देरी क्यों हो रही है। यही वजह है कि अब आम लोगों की जुबान पर एक ही बात सुनाई दे रही है, “कुछ तो गड़बड़ है दया…”

इस मामले को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सरिया के अध्यक्ष उग्रसेन साहू ने भी पुलिस जांच पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि धान खरीदी केंद्र के मुख्य जिम्मेदार नोडल अधिकारी और प्राधिकृत अधिकारी हैं, लेकिन उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि निष्पक्ष जांच होती तो अब तक संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो चुकी होती। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दबाव में मामले को लंबा खींचे जाने की आशंका भी जताई है।

फिलहाल पुलिस जांच जारी होने की बात कह रही है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच की आंच नोडल अधिकारी और प्राधिकृत अधिकारी तक पहुंचेगी या मामला केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक ही सीमित रहेगा। अब इस पूरे मामले पर प्रशासन, पुलिस और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है।

Scroll to Top