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दुर्ग// दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड निशांत गुप्ता सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये के अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार का खुलासा हुआ है, जो कई राज्यों तक फैला हुआ था।
पुलिस के अनुसार, भिलाई के कैंप-02 क्षेत्र से जुड़े मुख्य आरोपी की निशानदेही पर टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर में संचालित एक सट्टा सेंटर पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद उत्तर प्रदेश और बिहार के कई युवकों को ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
हर महीने डेढ़ करोड़ रुपये का कारोबार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी बैंक खातों और सिम कार्डों का इस्तेमाल कर प्रतिमाह करीब 1.50 करोड़ रुपये का ऑनलाइन सट्टा कारोबार संचालित कर रहा था। आरोपियों द्वारा विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और बैंकिंग माध्यमों के जरिए अवैध लेनदेन किया जाता था।
लाखों के आभूषण समेत भारी मात्रा में सामान जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त सामग्री में 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, ₹23 लाख मूल्य के सोने और डायमंड के आभूषण शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि ये आभूषण सट्टे से अर्जित अवैध कमाई से खरीदे गए थे।
कई धाराओं में मामला दर्ज
जांच के दौरान अवैध धन को छिपाने, फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते संचालित करने और धोखाधड़ी से खातों का उपयोग करने के साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और टेलीकॉम एक्ट की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी हैं।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
दुर्ग पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था और इसके तार अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हाल के समय में जिले में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ की गई सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है और जांच के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।


