ChatGPT और Gemini के जरिए सामूहिक नकल का खुलासा, डी.फार्मेसी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद 526 छात्रों की परीक्षा रद्द..

शेयर करें...

बिलासपुर// छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) की डी.फार्मेसी द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। प्रश्नपत्र लीक, सामूहिक नकल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद विश्वविद्यालय ने 7 मई को आयोजित परीक्षा को निरस्त कर दिया है। अब 526 विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी।

Join WhatsApp Group Click Here

विश्वविद्यालय की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा शुरू होने से पहले ही विद्यार्थियों तक प्रश्नपत्र और उसके उत्तर व्हाट्सएप के माध्यम से पहुंच गए थे। उड़नदस्ता दल द्वारा जांच के दौरान कई उत्तर पुस्तिकाओं में एक जैसे जवाब पाए गए, जिससे संगठित नकल की पुष्टि हुई।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कुछ परीक्षार्थी परीक्षा के दौरान ChatGPT और Gemini जैसे AI प्लेटफॉर्म का उपयोग कर उत्तर लिखते पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि नकल को छिपाने के लिए कुछ परीक्षा केंद्रों में जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे बंद रखे गए थे।

एक परीक्षा केंद्र में वीक्षक की टेबल से 20 पन्नों की चिट भी बरामद हुई, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। जांच रिपोर्ट के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामले में जांजगीर-चांपा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के सात कॉलेजों के 526 विद्यार्थियों की परीक्षा निरस्त की गई है। री-एग्जाम केवल इन्हीं संस्थानों के छात्रों के लिए आयोजित किया जाएगा। नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

विश्वविद्यालय ने आयुष कॉलेज ऑफ फार्मेसी (मेदुका), केसरी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ज्ञान रौशनी कॉलेज ऑफ फार्मेसी और संस्कृति इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी समेत संबंधित संस्थानों की मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

शिक्षा जगत में इस घटना ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।

Scroll to Top