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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया-बरमकेला क्षेत्र में इन दिनों कुछ धान कोचियों व राइसमिलरों सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से एक बड़े रैकेट के संचालन की चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि इन क्षेत्रों में धान की कालाबाजारी का खेल लंबे समय से जारी है, जिसमें स्थानीय धान माफिया बड़ी मात्रा में अवैध रूप से धान खरीदकर राइस मिलों की मिलीभगत से भारी वाहनों में धान खपाने का काम कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार दिन हो या रात, धान की तस्करी धड़ल्ले से जारी रहने की बातें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधियों के बावजूद सख्त नकेल क्यों नहीं कसी जा रही। हालात ऐसे हैं कि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय मानो महाभारत के धृतराष्ट्र की भूमिका में नजर आ रहे हैं। हालांकि विगत दिनों ऐसे ही एक मामले में मंडी अधिनियम के तहत एक राइस मिलर की धान से भरी ट्रक पर चलानी कार्रवाई जरूर की गई थी, लेकिन चर्चा है कि उसके बाद भी उसी राइस मिल सहित अन्य स्थानों पर यह खेल लगातार जारी है।
मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं बताया जा रहा। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर धान से भरे ट्रकों को ओडिशा की ओर भेजा जा रहा है। इसमें छोटे-बड़े व्यापारियों की भी सक्रिय भूमिका होने की बात कही जा रही है, जिससे यह पूरा नेटवर्क और बड़ा दिखाई देता है। यदि यह गतिविधियां जारी हैं तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि किसानों, मंडी व्यवस्था और राजस्व व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है।
अब बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि जब धान से भरे भारी वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं और अवैध कारोबार की चर्चाएं खुलेआम हो रही हैं, तब संबंधित विभाग और प्रशासन आखिर किस कार्रवाई का इंतजार कर रहा है..? क्या इस पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर धान की यह कथित कालाबाजारी और सीमापार भेजने का खेल यूं ही चलता रहेगा..?


