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रायगढ़// रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, हवाला और ब्लैक मनी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए ऐतिहासिक कार्रवाई की है। साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने करोड़ों रुपये के ऑनलाइन आईपीएल सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, 4 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई। जांच में सामने आया कि रायगढ़ जिले में ऑनलाइन आईपीएल सट्टे के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार चलाया जा रहा था और इस पैसे को हवाला नेटवर्क के जरिए सफेद किया जा रहा था।
पहले 6 सटोरिए पकड़े गए, फिर खुली पूरे नेटवर्क की परतें
मामले की शुरुआत 26 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब साइबर सेल और पुलिस टीम ने रायगढ़ और घरघोड़ा क्षेत्र में एक साथ दबिश देकर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सोनू देवांगन पिता रूपेन्द्र देवांगन उम्र 21 वर्ष निवासी नया गंज कोष्टापारा रायगढ़ थाना कोतवाली रायगढ़, हर्षित देवांगन पिता स्व. अनंत राम देवांगन उम्र 24 वर्ष निवासी नया गंज कोष्टापारा रायगढ़, भरत गोयल पिता सुभाष गोयल उम्र 22 वर्ष निवासी लैलूंगा रोड घरघोड़ा, गौतम भोजवानी पिता श्याम भोजवानी उम्र 26 वर्ष निवासी कन्या शाला के पीछे साईराम कॉलोनी घरघोड़ा, लक्ष्मीनारायण सिदार पिता चंदन सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 13 घरघोड़ा, सागर गुप्ता पिता विनोद गुप्ता उम्र 27 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 02 कन्या शाला के पीछे घरघोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस ने 7 मोबाइल फोन और नकदी जब्त की थी। पूछताछ में आरोपियों ने रायगढ़ के बड़े खाईवाल करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल चैट, कॉल डिटेल, यूपीआई ट्रांजेक्शन और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
ऐसे चलता था करोड़ों का सट्टा नेटवर्क
जांच में सामने आया कि आरोपी करन चौधरी रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। सट्टे से आने वाली रकम को सीधे बैंक खाते में रखने के बजाय पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और परिचित कारोबारियों के जरिए कैश में बदलकर हवाला चैनल से ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस को जांच में पता चला कि कृष्ण प्राइड टावर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल इस पूरे मनी ट्रांसफर नेटवर्क के अहम सदस्य थे। दोनों सट्टे से आने वाली ब्लैक मनी को हवाला के जरिए व्हाइट करने का काम कर रहे थे।
फ्लैट में मिला करोड़ों का कैश
पुलिस ने करन चौधरी से मिली जानकारी के आधार पर कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट में छापा मारा। यहां से पुलिस ने 50 लाख रुपये नकद, 52 लाख 60 हजार रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, 4 मोबाइल फोन और डिजिटल ट्रांजेक्शन और हवाला से जुड़े दस्तावेज बरामद किए।
गिरफ्तार आरोपी
- करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल पिता संजय चौधरी उम्र 29 वर्ष निवासी श्याम नगर, ढिमरापुर चौक, रायगढ़
- पुष्कर अग्रवाल पिता सुनील अग्रवाल उम्र 26 वर्ष निवासी फ्लैट नंबर 505 कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़
- सुनील कुमार अग्रवाल पिता स्व. सूरजभान उम्र 58 वर्ष निवासी फ्लैट नंबर 505 कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं मामले में जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वह रायगढ़, सक्ती, खरसिया और रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी है। उसकी तलाश लगातार जारी है।
करन चौधरी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार करन चौधरी के खिलाफ पहले भी जुआ-सट्टा, मारपीट, रंगदारी, अपहरण और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ पहले प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी हो चुकी है।
इस पूरे मामले में पुलिस ने जुआ प्रतिषेध अधिनियम के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 यानी संगठित अपराध की धाराएं भी जोड़ी हैं। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।


