जनगणना ड्यूटी के दौरान शिक्षक पर हमला, बाल-बाल बची जान, शिक्षकों की सुरक्षा पर उठा सवाल..

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रायपुर// छत्तीसगढ़ में जनगणना के प्रारंभिक चरण के बीच ही शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला रायपुर के रामनगर वार्ड क्रमांक 24 का है, जहां जनगणना कार्य में लगे एक प्रगणक के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है। आपको बता दें कि इससे पहले बिलासपुर में एक घटना हो चुकी है। जबकि शुक्रवार को नयी घटना रायपुर में घटी।

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रायपुर में मारपीट का शिकार हुए शिक्षक ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगायी है। रायपुर में पीड़ित प्रगणक रामकृष्ण साहू ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उन्हें नगर निगम जोन क्रमांक 7 के अंतर्गत रामनगर क्षेत्र में ड्यूटी सौंपी गई थी। 1 मई को सुबह 10 बजे से वे अपने कार्य में जुटे हुए थे और शाम करीब 5 बजे क्षेत्र में नजरी नक्शा (ले-आउट) तैयार करने के लिए जानकारी जुटा रहे थे।

इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति, जो कथित रूप से नशे में था, ने उन्हें रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि उस व्यक्ति ने उनके हाथ से नक्शा छीनने की कोशिश की और अचानक उनकी कनपटी पर मुक्का मार दिया। इसके बाद उसने करीब 20 ईंटें उठाकर प्रगणक पर फेंक दीं, जिससे उनकी जान पर बन आई।

सहकर्मी की सूझबूझ से बची जान

घटना के समय पास में मौजूद उनके साथी शेख नासिर मोहम्मद ने खतरे को भांपते हुए उन्हें तुरंत वहां से भागने के लिए कहा। समय रहते हट जाने के कारण रामकृष्ण साहू गंभीर रूप से घायल होने से बच गए। घटना को आसपास के कुछ लोगों ने भी देखा, लेकिन तत्काल कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ।

प्रशासन को दी सूचना, कार्रवाई पर सवाल

घटना के बाद रामकृष्ण साहू ने अपने सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने जोन कमिश्नर को भी सूचित किया और अगले दिन कार्यालय में जाकर शिकायत दी। हालांकि, उनके अनुसार देर शाम तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वे निराश होकर वापस लौट गए।

रविंद्र राठौर ने शिक्षकों की सुरक्षा पर उठाये सवाल

इस घटना के बाद शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने इस घटना की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को जनगणना कार्य शुरू करने से पहले व्यापक जागरूकता अभियान चलाना चाहिए था।उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न कारणों से लोगों में असंतोष है, जिसका असर अब जनगणना कार्य कर रहे शिक्षकों पर पड़ रहा है। विशेषकर शहरी और स्लम क्षेत्रों में शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। राठौर ने प्रशासन से मांग की है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि वे बिना डर के अपना काम कर सकें।

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