शेयर करें...
सारंगढ़ बिलाईगढ़// कटंगपाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत बोंदा स्थित सहकारी समिति प्रांगण में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई का आयोजन किया गया। यह जनसुनवाई आर्यन मिनरल्स एंड मेटल्स जोतपुर-दुलमपुर-मौहापाली सहित शुभ मिनरल्स कटंगपाली, मंगल मेटल छैलफोरा और बालाजी माइंस एंड मिनरल्स जोतपुर की डोलोमाइट पत्थर खदानों के क्षमता विस्तार के लिए बुलाई गई थी।
बता दें कि तहसील मुख्यालय सरिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत बोंदा में सोमवार और मंगलवार को प्रस्तावित 4 नई डोलोमाइट पत्थर खदानों के लिए दो दिवसीय जनसुनवाई आयोजित की गई थी। एक ओर जहां जनसुनवाई के पहले दिन ग्रामीणों ने इसे रोजगार का अवसर बताकर समर्थन किया और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसानों ने पर्यावरण और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। वही दूसरी ओर जनसुनवाई के दूसरे दिन किसी प्रकार का कोई विरोध दर्ज नहीं किया गया।
पीठासीन अधिकारी व सारंगढ़ एसडीएम डॉ वर्षा बंसल ने जनसुनवाई की अध्यक्षता की। जनसुनवाई के दूसरे दिन सुबह 10 बजे शुरू हुई इस प्रक्रिया में पहले दिन की तुलना में भीड़ कम थी और पुलिस बल की भी आवश्यकता भी महसूस नहीं हुई। एसडीएम डॉ वर्षा बंसल ने उपस्थित जनसमुदाय, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष खसरा नंबर 160/1क से लेकर 160/25 तक के कुल 4.961 हेक्टेयर रकबे में क्षमता विस्तार के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए पक्ष और विपक्ष से सुझाव आमंत्रित किए।
स्थानीय विकास और रोजगार पर जोर
समर्थन की शुरुआत ग्राम पंचायत बोंदा के सरपंच गोवर्धन निषाद ने की। उन्होंने मंच से कहा कि खदानों के विस्तार से क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इससे न केवल गांवों के विकास को गति मिलेगी, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार की उम्मीद है। सरपंच के साथ ही बोंदा की महिला पंच गीता रात्रे, बोकरामुडा के विक्रम सिदार, कटंगपाली के रमाकांत साहू, बांजीपाली के उमेश पटेल और बिलाईगढ़-अ के रवि पटेल सहित कुल 35 लोगों ने लिखित में अपना समर्थन पत्र सौंपा। इसके अतिरिक्त, लगभग 150 अन्य ग्रामीणों ने भी मौखिक रूप से विस्तार योजना का समर्थन किया।
विरोधियों के बदले सुर, दिए सकारात्मक सुझाव
जनसुनवाई का सबसे दिलचस्प पहलू वह रहा जब पूर्व में विरोधाभास रखने वाले चेहरों ने भी विकास के पक्ष में अपनी बात रखी। बोंदा के नितिन पाणिग्राही, सुरेन्द्र सिंह सिदार और सुखापाली के उप सरपंच लोकनाथ नायक, जो पहले खदानों को लेकर संशय में थे, मंगलवार को उनके सुर बदले हुए नज़र आए। उन्होंने माइक पर आकर खदान मालिकों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसमें प्रदूषण मुक्त कार्य प्रणाली अपनाने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने और सड़कों पर धूल न उड़े इसके लिए नियमित पानी छिड़काव कराने की बात कही। साथ ही, उन्होंने डोलोमाइट पत्थर के सुरक्षित परिवहन (ओवरलोडिंग से बचाव) पर भी जोर दिया।
दूसरे दिन महज एक घंटे में पूरी हुई औपचारिकता
जनसुवाई के दूसरेबदीन किसी भी प्रकार का विरोध या आपत्ति सामने न आने के कारण एसडीएम वर्षा बंसल ने परियोजना प्रस्तावक को विस्तार योजना की जानकारी पढ़ने के निर्देश दिए और महज एक घंटे के भीतर जनसुनवाई के समापन की घोषणा कर दी। इस अवसर पर पर्यावरण अधिकारी अंकुर साहू, तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू और पुलिस विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे।


