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रायपुर// छत्तीसगढ़ में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में 9 बायपास सड़कों के निर्माण के लिए 448 करोड़ 13 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। इस पहल का उद्देश्य शहरों और कस्बों में जाम की समस्या को कम करना और यातायात को तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
इस महत्वाकांक्षी योजना को राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क अधोसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
किन जिलों में बनेंगी बायपास सड़कें
योजना के तहत रायगढ़ जिला में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। तमनार बायपास के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए की राशि से 6 किमी सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। खरसिया क्षेत्र में कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए भी 7 करोड़ 22 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं।
वहीं धमतरी जिला में दो बायपास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। भखारा बायपास (4 किमी) के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपए और नारी बायपास (1.5 किमी) के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। बलौदाबाजार जिला में भी दो बड़े बायपास मार्ग बनाए जाएंगे। लटुवा-पनगांव होते हुए 15 किमी लंबे बायपास के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपए और रिसदा बायपास (7 किमी) के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।
अन्य जिलों को भी मिला लाभ
इसके अलावा बिलासपुर में कोनी-मोपका 13.40 किमी फोरलेन बायपास के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपए और बेमेतरा जिला में छिरहा बायपास (1.20 किमी) के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
यातायात में होगा बड़ा सुधार
इन बायपास सड़कों के निर्माण से शहरों के अंदर भारी वाहनों की आवाजाही कम होगी, जिससे जाम की समस्या में राहत मिलेगी। साथ ही लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर
लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार सड़क, पुल और ओवरब्रिज जैसे बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दे रही है। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।



