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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। नगर पालिका क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में खदान खोलने के खिलाफ जहां पहले हजारों ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था, वहीं अब जिला कांग्रेस कमेटी भी खुलकर सामने आ गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद देवांगन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर जनहित और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा की।
पर्यावरण और जनजीवन पर असर को लेकर उठाए सवाल
मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने खदान खुलने से होने वाले संभावित नुकसान को प्रमुखता से रखा। उनका कहना था कि इससे कृषि भूमि प्रभावित होगी, जल स्तर में गिरावट आ सकती है और प्रदूषण बढ़ने से आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ेगा। साथ ही खदान आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए और इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर ने दिया सकारात्मक संकेत
कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस मामले में नियमानुसार उचित और सार्थक पहल की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पर्यावरण और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखकर ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों पर पड़ सकता है असर
गौरतलब है कि सारंगढ़ शहर से लगे क्षेत्रों में खदान खुलने की स्थिति में न केवल ग्रामीणों, बल्कि शहरी आबादी को भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। धूल-प्रदूषण, यातायात बाधित होना और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। नए जिला मुख्यालय की छवि और विकास पर भी इसका असर पड़ सकता है।
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस दौरान ताराचंद देवांगन के साथ प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि सुरज तिवारी, घनश्याम मनहर, पुरुषोत्तम साहू, संजय दुबे, गोल्डी नायक, विनोद भारद्वाज, डॉ. दिलीप अनंत, दारा सिंह जांगड़े, रामनाथ सिदार, राकेश पटेल, रमेश खुटे, डेढ़राज चंद्र, कृष्णा साहू, कमल, राम सिंह, राजेंद्र वारे, सिद्धू खूंटे, तारकेश्वर टांडेल सहित कई कार्यकर्ता और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।


