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रायगढ़// डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख से अधिक की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का रायगढ़ पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने कर्नाटक के बैंगलूरू से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना दुबई से नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खातों में जमा 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई है और घटना में प्रयुक्त मोबाइल भी जब्त किए हैं।
सीबीआई अधिकारी बनकर डराया, 12 किश्तों में ट्रांसफर कराए पैसे
मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है, जहां ग्राम जतरी निवासी रिटायर्ड शिक्षक गरुण सिंह पटेल को आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर कॉल किया। उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर मुंबई में संदिग्ध खाता खुला है और जांच के नाम पर सहयोग करने को कहा गया। साथ ही धमकी दी गई कि बात किसी को बताई तो गिरफ्तारी होगी। डर के माहौल में पीड़ित ने 25 से 29 अक्टूबर 2025 के बीच यूपीआई, पेटीएम और आरटीजीएस के जरिए 12 किश्तों में कुल 23,28,770 रुपये आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
तकनीकी जांच से बैंगलूरू तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और बैंक ट्रांजेक्शन, यूपीआई आईडी व मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों की लोकेशन बैंगलूरू में ट्रेस की। इसके बाद विशेष टीम बनाकर बैंगलूरू भेजी गई, जहां स्थानीय पुलिस की मदद से विग्नेश पी और स्टीफन थॉमस को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाकर पूछताछ की गई।
दुबई से संचालित हो रहा था नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना फिरोज खान उर्फ डॉम्निक दुबई से पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा है। वह फर्जी दस्तावेजों और लोगों के खातों का इस्तेमाल कर देशभर में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लोन ऐप और निवेश के नाम पर ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपी कमीशन के बदले अपने खातों में रकम मंगाकर आगे ट्रांसफर करते थे। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
गिरफ्तार आरोपी
- विग्नेश पी (संपन्नगिरी नगर/सुदामा नगर, बैंगलूरू, कर्नाटक)
- स्टीफन थॉमस (सुब्रमण्यम नगर, बैंगलूरू, कर्नाटक)
- फरार आरोपी : फिरोज खान उर्फ डॉम्निक
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेश पटेल (साइबर), आरक्षक धर्नुजय चंद बेहरा सहित साइबर टीम की अहम भूमिका रही।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें, जानकारी साझा न करें
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या खुद को अधिकारी बताकर डराने-धमकाने वालों से सतर्क रहें। किसी भी स्थिति में बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें। साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा तरीका जागरूकता ही है।


