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रायपुर// प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है। नए फैसले के अनुसार पेट्रोल पर टैक्स 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं, डीजल पर 10 रुपये का टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इस फैसले के बाद आम लोगों को यह उम्मीद है कि जल्द ही ईंधन की कीमतें कम होगी।
क्या आम जनता को मिलेगा फायदा?
सरकार के इस फैसले से राहत की उम्मीद तो बढ़ी है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका सीधा फायदा तुरंत जनता तक नहीं पहुंचेगा। विशेषज्ञों के अनुसार तेल कंपनियां पहले अपने नुकसान की भरपाई करेंगी। इसलिए जरूरी नहीं कि पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत घट जाएं। यानी फिलहाल आम लोगों को थोड़ी और प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
तेल कंपनियों पर बढ़ रहा नुकसान
रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमत 100-105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती है, तो कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 11 रुपये और डीजल पर 14 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान हो सकता है। ऐसे में सरकार की टैक्स कटौती से कंपनियों को राहत मिलेगी। अगर यह राहत नहीं मिलती, तो कंपनियां पहले ही कीमतें बढ़ा सकती थीं।
कीमतों में बदलाव और बाजार की स्थिति
इसी बीच हाल ही में नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद कुछ जगहों पर पेट्रोल 100 रुपये के पार पहुंच गया है। हालांकि जियो-बीपी और सरकारी तेल कंपनियों ने अभी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
सरकार का पक्ष
सरकार की ओर से की गई कटौती के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार के सामने दो विकल्प थे या तो कीमतों का बोझ जनता पर डाला जाए या खुद उठाया जाए। सरकार ने जनता को राहत देने के लिए टैक्स घटाया है। हालांकि प्रीमियम पेट्रोल और कॉमर्शियल डीजल की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी भी देखी गई है।


