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दुर्ग// छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रेनों में यात्रियों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसा है। आरपीएफ की टीम ने बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस (12851) में अभियान चलाकर 12 किन्नरों को गिरफ्तार किया है, जो यात्रियों से जबरन पैसे वसूल रहे थे।
यात्रियों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई की शुरुआत यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों से हुई। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन में सफर के दौरान कुछ किन्नर समूह बनाकर अलग-अलग कोच में घूम रहे थे और यात्रियों से पैसे मांग रहे थे। कई यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे देने से इनकार करने पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाता था और दबाव बनाया जाता था। यात्रियों की इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल दुर्ग ने तत्काल जांच शुरू की और कार्रवाई की योजना बनाई।
रायपुर से दुर्ग के बीच चल रही थी अवैध वसूली
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह समूह रायपुर से ट्रेन में सवार हुआ था और दुर्ग तक के सफर के दौरान अलग-अलग डिब्बों में जाकर यात्रियों से जबरन पैसे वसूल रहा था। समूह के सदस्य इस तरह फैले हुए थे कि एक साथ कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण हो सकता था।लेकिन आरपीएफ को मिली सटीक सूचना के आधार पर टीम ने रणनीति तैयार की और दुर्ग स्टेशन पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
दुर्ग स्टेशन पर घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी
जैसे ही बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस (12851) दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंची, आरपीएफ की टीम पहले से ही सतर्क और तैनात थी। ट्रेन रुकते ही टीम ने घेराबंदी कर सभी संदिग्धों को पकड़ लिया। मौके पर जांच के दौरान आरोप सही पाए गए, जिसके बाद सभी 12 किन्नरों को हिरासत में ले लिया गया।आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई, ताकि कोई भी आरोपी बचकर न निकल सके।
इस साल अब तक 40 किन्नरों की गिरफ्तारी
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इस वर्ष 22 मार्च तक इसी तरह के मामलों में कुल 40 किन्नरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे स्पष्ट होता है कि ट्रेनों में जबरन वसूली की समस्या लगातार सामने आ रही है, जिस पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
रेलवे सुरक्षा बल ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, चाहे वह वसूली हो या उत्पीड़न, को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अधिकारियों ने यह भी बताया कि कई यात्रियों ने लिखित और मौखिक रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों में कहा गया था कि किन्नरों द्वारा पैसे न देने पर बहस, दबाव और मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
जागरूकता और सख्ती दोनों जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए यात्रियों को भी जागरूक रहना होगा। किसी भी प्रकार की असुविधा या अवैध गतिविधि की तुरंत सूचना रेलवे अधिकारियों या आरपीएफ को देना जरूरी है।साथ ही, रेलवे प्रशासन द्वारा नियमित रूप से ऐसे अभियानों को चलाना भी आवश्यक है, ताकि इस प्रकार के नेटवर्क को खत्म किया जा सके। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ द्वारा नियमित जांच और निगरानी की जाएगी।


