गेजामुड़ा में आर-पार की जंग : ‘बाउंसरों’ और पुलिस छावनी के बीच अडानी का काम शुरू, विरोध करने वाले दर्जनों ग्रामीण हिरासत में..

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रायगढ़// रायगढ़ जिले के ग्राम गेजामुड़ा में अडानी की रेलवे लाइन परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब ‘आर-पार की लड़ाई’ में तब्दील हो गया है। मीडिया ने कल ही अंदेशा जता दिया था कि ऋषि पटेल के गिरफ़्तारी की कार्यवाही किसी बड़े ‘ऑपरेशन’ की पहली सीढ़ी है। आज यानी रविवार को वही हुआ।

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एडिशनल एसपी के साथ ग्रामीणों की हुई वार्ता विफल होते ही गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। भारी पुलिस बल, बड़ी मशीनों और ‘निजी बाउंसरों’ के साये में अडानी का काम जबरन शुरू करा दिया गया। अपनी जमीन बचाने के लिए विरोध करने पहुंचे महिलाओं और पुरुषों समेत दर्जन भर ग्रामीणों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

50% बनाम 100% की लड़ाई, वार्ता रही विफल

दरअसल रविवार दोपहर गेजामुड़ा के हालात को काबू करने के लिए एसडीएम, एडिशनल एसपी और पुलिस के आला अधिकारियों ने कोतरा रोड थाने में किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की। ग्रामीणों की मांग बिल्कुल स्पष्ट थी, उनकी जमीन का 100% मुआवजा दिया जाए और कल ‘सरकारी काम में बाधा’ डालने के झूठे आरोप में जेल भेजे गए युवक ऋषि पटेल को तुरंत दोषमुक्त कर रिहा किया जाए। लेकिन, अडानी प्रबंधन सिर्फ 50% मुआवजा देने पर अड़ा रहा। कंपनी के इसी अड़ियल रवैये के कारण वार्ता पूरी तरह विफल हो गई और ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि “हम मर जाएंगे, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे।”

बाउंसरों की फौज और पुलिस का पहरा, काम चालू

वार्ता विफल होते ही प्रशासन और कंपनी ने अपना असली रंग दिखा दिया। कल से ही जिस ‘बड़े प्लान’ की सुगबुगाहट थी, उसे अंजाम दिया गया। गांव में गाड़ियों में भर-भर कर अडानी के ‘बाउंसर’ लाए गए। रायगढ़ के पूरे प्रशासनिक सहयोग, भारी पुलिस बल और बड़ी-बड़ी मशीनों के साथ रेल लाइन का काम सख्ती से शुरू करा दिया गया। अपने ही गांव में किसान बेबस नजर आए और कंपनी को खुली छूट दे दी गई।

विरोध करने पर महिलाओं और बुजुर्गों को भरा गाड़ियों में

अपनी आंखों के सामने पुश्तैनी जमीन छिनते देख जब ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग विरोध करने के लिए आगे आए, तो पुलिस ने अपनी सख़्ती दिखाई। अपना हक मांग रहे दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों (जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं) को पुलिस ने जबरन गाड़ियों में भरकर हिरासत में ले लिया। गांव का माहौल इस वक्त बेहद तनावपूर्ण है। पिछले दो दिनों के हालातों से प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कंपनी के काम में जो भी रुकावट डालेगा, उसका अंजाम ऋषि पटेल जैसा ही होगा।

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