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अंबिकापुर// छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने दरिमा तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल गुप्ता को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय सहित प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में पदस्थ लिपिक अखलेश सोनी की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया था कि आरोपी बाबू अनिल गुप्ता ने अपने प्रभाव और पहचान का झांसा देकर उसे कार्रवाई से बचाने के नाम पर 2 लाख रुपये की मांग की थी। आरोपी लगातार दबाव बना रहा था, जिससे परेशान होकर लिपिक ने एसीबी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
योजनाबद्ध तरीके से रचा गया ट्रैप
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने मामले की जांच की और रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के अनुसार, आरोपी ने पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये लेने की सहमति जताई।
गुरुवार को घड़ी चौक के पास स्थित ग्रंथालय के सामने आरोपी अपनी गाड़ी में पैसे लेने पहुंचा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 1 लाख रुपये दिए, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके पर ही केमिकल टेस्ट सहित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
कार्रवाई से बचाने का झांसा बना गिरफ्तारी की वजह
बताया जा रहा है कि आरोपी बाबू अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए सरकारी कर्मचारियों को कार्रवाई से बचाने का भरोसा दिलाता था और इसके एवज में मोटी रकम मांगता था। इस मामले में भी उसने शिकायतकर्ता को एसीबी कार्रवाई से बचाने का झांसा दिया था, जो अंततः उसके लिए ही फंदा बन गया।
पूछताछ जारी, और खुलासों की उम्मीद
एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह पहले भी इस तरह के मामलों में शामिल रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।


