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बिलासपुर// बिलासपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, कोटा में वित्तीय अनियमितता का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। बीईओ कार्यालय में पदस्थ लेखापाल नवल सिंह पैकरा एवं कार्यालय कर्मचारी देवेंद्र कुमार पालके के खिलाफ शासकीय राशि के गबन का आरोप लगा है। इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र मिश्रा ने स्वयं थाना कोटा पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार, सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरोपियों ने कूट रचना (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) कर “अन्य भत्तों” (Other Allowances) के मद में असमान और संदिग्ध वृद्धि दर्शाई। आरोप है कि इस हेरफेर के जरिए लगभग 30 लाख रुपये की शासकीय राशि का गबन किया गया। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अभिलेखों और भुगतान प्रविष्टियों में अनियमितता पाए जाने के बाद यह मामला सामने आया।
थाना कोटा पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अपराध क्रमांक 171/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4), 338, 340(2), 336(3) तथा 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस द्वारा दस्तावेजों की जांच, बैंक लेन-देन का परीक्षण तथा संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, बीईओ कार्यालय में नियमित लेखा परीक्षण के दौरान कुछ प्रविष्टियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद आंतरिक स्तर पर दस्तावेजों का मिलान किया गया, जिसमें अन्य भत्तों की राशि में असामान्य बढ़ोतरी और स्वीकृति प्रक्रिया में अनियमितता सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस प्रकरण में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता तो नहीं है। आवश्यक होने पर आर्थिक अपराध शाखा की भी सहायता ली जा सकती है।



