शेयर करें...
मुंगेली// छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार ने हाल ही में नगरीय निकायों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली, जिसमें निर्माण कार्यों की स्थिति, गुणवत्ता, समयसीमा और निविदा प्रक्रियाओं पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान कहा कि अधोसंरचना से जुड़े कार्य सीधे तौर पर आम नागरिकों के जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें पारदर्शिता, समयबद्धता और नियमित मॉनिटरिंग अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जहां भी खराब गुणवत्ता या अनियमितता पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में विशेष रूप से लोरमी नगर पालिका के अधोसंरचना मद के अंतर्गत चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वीकृत, अपूर्ण और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर असंतोष जताया। कई कार्यों में अपेक्षित गति और गुणवत्ता नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
समीक्षा के दौरान पंडरिया रोड पर प्रस्तावित प्रवेश द्वार, अंबेडकर चौक निर्माण तथा खेल परिसर से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने इन परियोजनाओं की गुणवत्ता और वास्तविक प्रगति की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर कुंदन कुमार ने निविदा प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बनाकर कार्यों में देरी करने की प्रवृत्ति पर भी कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निविदा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रखा जाए, ताकि विकास कार्यों में बाधा न आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर देरी करना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
लोरमी नगर पालिका में कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता को लेकर सामने आई खामियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने लोरमी के CMO और संबंधित इंजीनियर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। यह कदम प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट, प्रभावी मॉनिटरिंग और कार्यों की समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही या अनियमितता पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।


