पत्नी निकली पति का हत्यारा, , छह महीने बाद ब्लाइंड मर्डर का खुलासा..

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जशपुर// पिछले साल सामने आए अधजली लाश के सनसनीखेज मामले की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरना नगर स्थित तुरीटोंगरी के जंगल में 18 अक्टूबर 2025 को एक अधजला शव बरामद हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक स्थिति में शव की पहचान संभव नहीं हो पाई थी, जिससे मामला और भी जटिल हो गया था।

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पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया, जहां रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हत्या पाया गया। इसके बाद अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई। शव की पहचान के लिए पुलिस ने फोटो सर्कुलेशन, तकनीकी विश्लेषण और डीएनए जांच का सहारा लिया। लंबी जांच प्रक्रिया के बाद मृतक की पहचान महावीर राम भगत (49 वर्ष), निवासी गड़ियोटोंगरी, चौकी मनोरा के रूप में हुई।

जांच के दौरान पुलिस को पारिवारिक विवाद की जानकारी मिली। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी सुमित्रा भगत पर संदेह गहराया। पुलिस ने सुमित्रा भगत को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना के दिन महावीर राम भगत अपनी पत्नी के घर पहुंचे थे, जहां विवाद ने उग्र रूप ले लिया।

आरोप है कि सुमित्रा भगत ने पारिवारिक विवाद के चलते अपने पति की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने दो नाबालिग बालिकाओं और एक नाबालिग बालक की मदद से शव को जंगल में ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया, ताकि मृतक की पहचान मिटाई जा सके और अपराध को छुपाया जा सके।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छोटी गैंती, पेट्रोल की जरकीन और टॉर्च जब्त की है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238(क) एवं 61(2)(क) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी सुमित्रा भगत को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर इस जटिल मामले को सुलझाने में सफलता प्राप्त की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह मामला अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीमवर्क और वैज्ञानिक जांच पद्धति के माध्यम से सच सामने लाया गया।

इस प्रकरण में एक दिलचस्प मोड़ भी सामने आया। जानकारी के अनुसार, पूर्व में एक अन्य प्रकरण में मृतक की पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति बनी थी, जिसमें गलतफहमी के चलते चार व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई थी। बाद में संबंधित व्यक्ति के जीवित पाए जाने से स्थिति स्पष्ट हुई। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने सावधानीपूर्वक जांच को आगे बढ़ाया, जिससे वर्तमान मामले में वास्तविक तथ्यों का खुलासा संभव हो सका।

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