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मुंगेली// सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर इलाज मिले और मृत्यु दर कम हो, इस उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें iRAD, eDAR और TMS जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के उपयोग और कैशलेस उपचार योजना 2025 पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला में रायपुर से आए NIC के तकनीकी डायरेक्टर अरविंद यादव और एसआरएम सारांश सिरके ने बताया कि दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने समझाया कि iRAD और eDAR एप के जरिए पुलिस, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और इलाज की प्रक्रिया तेज की जा सकती है।
केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की जा रही कैशलेस उपचार योजना 2025 के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के 7 दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। शर्त यह है कि दुर्घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर अस्पताल को दी जाए। इलाज की राशि मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड से दी जाएगी।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आयुष्मान भारत योजना के तहत दुर्घटना के बाद तत्काल उपचार सुनिश्चित करना और सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी, जिला परिवहन अधिकारी असीम माथुर, सीएमएचओ शीला शाहा, जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, थाना व चौकी प्रभारी, निजी अस्पतालों के डायरेक्टर और पुलिस विभाग के विवेचना अधिकारी मौजूद रहे।


