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सारंगढ़–बिलाईगढ़// महिमा समाज के प्रसिद्ध प्रवचक और विद्वान साधु मदन दास जी का 31 जनवरी 2026 को निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। अपनी इच्छा अनुसार वे दुरुगपाली महिमाश्रम पहुंचे थे, जहां उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए पहले बसना और फिर रायपुर अस्पताल ले जाया गया।
उनके इलाज के लिए साधु योगेंद्र दास, योगेश्वर दास और अंचलवासियों द्वारा हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन नियति के आगे सभी प्रयास व्यर्थ साबित हुए। प्रभु नाम-स्मरण करते हुए उन्होंने मध्याह्न ब्रह्ममुहूर्त में परमधाम की यात्रा की।
मदन दास का देहावसान महिमा समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके प्रवचनों और जीवन दर्शन से समाज को लंबे समय तक मार्गदर्शन मिलता रहा। उनके निधन की खबर से महिमा समाज सहित श्रद्धालुओं और अनुयायियों में गहरा शोक व्याप्त है।
समाज के लोगों ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए महिमा प्रभु से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।


