धान खरीदी नहीं हुई तो किसान बैठा भूख हड़ताल पर, प्रशासन आया हरकत में; टोकन जारी होते ही खत्म हुआ आंदोलन..

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सारंगढ़–बिलाईगढ़// छत्तीसगढ़ में धान खरीदी किसानों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में किसान अपने धान बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं। इसी कड़ी में सरिया तहसील में एक किसान को अपनी आवाज सुनाने के लिए भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। किसान के भूख हड़ताल पर बैठते ही प्रशासन हरकत में आया और आखिरकार धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई।

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मामला सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के तहसील मुख्यालय सरिया का है। ग्राम अमर्रा निवासी कृषक हलधर राव जाधव पिछले कई दिनों से अपने धान बेचने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। परेशान होकर किसान ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार सरिया को अल्टीमेटम दिया था कि यदि 28 जनवरी तक धान खरीदी नहीं हुई तो 29 जनवरी से वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

गुरुवार सुबह करीब 10 बजे हलधर राव जाधव सेवा सहकारी समिति धान खरीदी केंद्र सरिया के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए। जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन को मिली, तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। नोडल अधिकारी को किसान के घर भेजकर धान का भौतिक सत्यापन कराया गया। सत्यापन पूरा होते ही सेवा सहकारी समिति सरिया द्वारा तत्काल टोकन जारी किया गया और धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद किसान ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की। मौके पर किसान को जूस पिलाकर आंदोलन खत्म कराया गया।

इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस सरिया के अध्यक्ष उग्रसेन साहू, प्रदेश प्रतिनिधि शरद यादव, हिमांशु पाणीग्राही, रूप पटेल, रूप नारायण डनसेना, सरोज प्रधान, मोहन पटेल, प्रतीक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता किसान के समर्थन में मौजूद रहे। प्रदेश कृषक परिषद के पूर्व सदस्य शरद यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में सरकार बदलने के बाद से किसान धान बेचने के लिए धरना और आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि आज एक किसान की समस्या तो हल हो गई, लेकिन प्रदेश में अब भी करीब तीन लाख किसान टोकन से वंचित हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

वहीं सेवा सहकारी समिति सरिया के प्रभारी प्रबंधक विनोद गुप्ता ने बताया कि तकनीकी कारणों से कुछ किसानों के टोकन काटने में दिक्कत आ रही थी, जिसे अब दूर कर दिया गया है। बचे हुए किसानों के भी टोकन काटे जा रहे हैं और धान खरीदी की जा रही है।

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