एक शिक्षक-पांच कक्षाएं : शिक्षक की मनमानी से नाराज ग्रामीण, बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं जागे अधिकारी, 26 जनवरी बहिष्कार की चेतावनी..

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सारंगढ़–बिलाईगढ़// जिले के बरमकेला ब्लॉक अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला टिटहिपाली में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। हालात इतने खराब हैं कि एक ही शिक्षक के भरोसे पांच कक्षाएं संचालित हो रही हैं और उस पर भी लापरवाही व मनमानी के आरोप लग रहे हैं। लगातार शिकायत, प्रदर्शन और तालाबंदी के बावजूद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है।

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समय पर स्कूल नहीं पहुंचने का आरोप

ग्रामीणों और पालकों का आरोप है कि स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक बिजली मानिकपुरी नियमित रूप से समय पर विद्यालय नहीं आतीं। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान नहीं दिया जाता और कई दिनों तक स्कूल व्यवस्था भगवान भरोसे चलती है। पालकों का कहना है कि शिक्षक सुबह 10:30 से 11 बजे से पहले स्कूल आने से मना कर देती हैं, जिससे छोटे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

बच्चों से निजी काम कराने के गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि शिक्षक अपने बच्चे को स्कूल लाकर अन्य बच्चों से देखभाल और खेलाने का काम कराती हैं। यहां तक कि निजी काम और बच्चे का डायपर साफ कराने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन बातों से पालकों में भारी नाराजगी है और वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

विरोध करने पर धमकी का दावा

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब ग्रामीणों ने शिक्षक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, तो उन्हें धमकियां दी गईं। फोन करने पर शिक्षक के पति द्वारा डराने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इससे गांव में भय का माहौल बन गया है।

तीन साल से बिगड़ी है व्यवस्था

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से स्कूल की पढ़ाई प्रभावित है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में भी शिक्षक की उपस्थिति बेहद कम रही है। इस मामले को लेकर पहले भी कई बार कलेक्टर जनदर्शन, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को आवेदन दिए जा चुके हैं। जांच समिति बनने और रिपोर्ट सौंपे जाने की बात भी सामने आई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

तालाबंदी और प्रदर्शन के बाद भी समाधान नहीं

स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने पहले भी स्कूल में तालाबंदी की थी। हर बार अधिकारी मौके पर पहुंचकर आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन न तो शिक्षक पर कार्रवाई होती है और न ही दूसरे शिक्षक की व्यवस्था की जाती है। इससे ग्रामीणों का भरोसा अब टूटने लगा है।

26 जनवरी बहिष्कार का ऐलान

अब ग्रामीणों और पालकों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शिक्षक को हटाकर स्थायी रूप से दूसरे शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे 26 जनवरी के ध्वजारोहण कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे। इस संबंध में डीईओ और बीईओ को आवेदन देकर स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि ऐसा हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

बच्चों के भविष्य पर बड़ा सवाल

टिटहिपाली स्कूल की यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक ओर सरकार शिक्षा सुधार की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर गांव के छोटे बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है या फिर ग्रामीणों का आंदोलन और तेज होता है।

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