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बिलासपुर// छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण पुलिस रेंजों में शामिल बिलासपुर रेंज को शुक्रवार को नया पुलिस महानिरीक्षक मिल गया। 2007 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामगोपाल गर्ग ने औपचारिक रूप से आईजी बिलासपुर रेंज का कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिए कि उनकी प्राथमिकता “जनहित केंद्रित, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम पुलिसिंग” होगी।
कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से चर्चा में आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि आम नागरिकों को पुलिस थानों में किसी भी प्रकार की असुविधा या अनावश्यक परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में उन्होंने एक अहम घोषणा करते हुए बताया कि बिलासपुर रेंज के सभी पुलिस थानों में जल्द ही QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली लागू की जाएगी।
QR कोड से सीधे पहुंचेगी शिकायत
आईजी गर्ग ने बताया कि यदि किसी नागरिक की शिकायत थाने में दर्ज नहीं की जाती, एफआईआर लिखने में जानबूझकर देरी की जाती है या किसी पुलिसकर्मी के व्यवहार से वह असंतुष्ट है, तो वह सीधे मोबाइल फोन से QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेगा। यह शिकायत सीधे संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) और आईजी कार्यालय तक पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल आम लोगों को एक वैकल्पिक और भरोसेमंद मंच मिलेगा, बल्कि थाना प्रभारी और स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। इस सिस्टम से थानों का नियमित फीडबैक भी प्राप्त होगा, जिससे सुधार की गुंजाइश बनेगी।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर
आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं, ऐसे में पुलिस को भी तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन, डिजिटल डाटाबेस और तकनीकी टूल्स के जरिए अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रेंज के सभी जिलों के एसपी से चर्चा कर स्थानीय स्तर की समस्याओं की पहचान की जाएगी और उसी अनुरूप पुलिसिंग की रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर असर दिखे।
गलत धाराएं लगाने पर सख्त कार्रवाई
आईजी गर्ग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसी मामले में पुलिसकर्मी द्वारा गलत मंशा से बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धाराएं जोड़ी या हटाई जाती हैं, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर केस की निष्पक्ष समीक्षा होगी और दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
झूठी शिकायतों पर भी लगेगा अंकुश
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पुलिसकर्मियों की जवाबदेही ही नहीं, बल्कि झूठी और भ्रामक शिकायत करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी ने जानबूझकर तथ्यों को छिपाकर या बढ़ा-चढ़ाकर शिकायत दर्ज कराई है, तो ऐसे शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
दुर्ग रेंज में रहे सफल प्रयोग
आईजी रामगोपाल गर्ग इससे पहले दुर्ग रेंज में आईजी के रूप में कार्य कर चुके हैं। वहां उन्होंने त्रिनयन एप और सशक्त एप जैसे तकनीकी प्रयोग शुरू किए थे, जिनसे अपराधियों की पहचान, निगरानी और गिरफ्तारी में पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिली थी। अब इसी मॉडल को बिलासपुर रेंज में लागू करने की योजना है।


