कोतवाली के सामने धरने पर बैठे तहसीलदार, बेटे से हुई मारपीट पर एफआईआर दर्ज नहीं होने से उठाया यह कदम, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल..

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सारंगढ़–बिलाईगढ़// जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां न्याय की मांग लेकर कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि खुद तहसीलदार को धरने पर बैठना पड़ा। सारंगढ़ कोतवाली थाना के मुख्य गेट पर तहसीलदार वन्दे राम भगत आमरण अनशन पर बैठ गए।

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मामला उनके बेटे के साथ दिनदहाड़े हुई मारपीट से जुड़ा है। पीड़ित राहुल भगत ने थाने में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। कई बार आवेदन देने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूर होकर पीड़ित के पिता और तहसीलदार वन्दे राम भगत को धरना देना पड़ा।

तहसीलदार के धरने पर बैठते ही इलाके में चर्चा शुरू हो गई। लोगों का कहना है कि जब एक अधिकारी की शिकायत पर सुनवाई नहीं हो रही, तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा। इस घटना ने कोतवाली थाना की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धरने की खबर फैलते ही थाना परिसर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग हैरानी जता रहे थे कि क्या अब एफआईआर के लिए अफसरों को भी भूखे रहना पड़ेगा।

सूत्रों के मुताबिक मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका है, लेकिन अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि पहले एफआईआर होती है या अनशन आगे बढ़ता है। इस पूरे मामले में पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी कोई साफ जवाब नहीं दे पाए। टालमटोल से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

यह मामला सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था और जनता के भरोसे से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब कार्रवाई करता है और पीड़ित को न्याय कब मिलता है।

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