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सरगांव (मुंगेली)।
छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में दिनांक 18 जनवरी 2026 को कुरूद जिला धमतरी अंतर्गत गातापार में छत्तीसगढ़ महतारी भाखा अकादमी द्वारा वार्षिक सम्मेलन का गरिमामय आयोजन किया गया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी महतारी भाखा के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले हमारे अंचल के साहित्यकार, गीतकार एवं शिक्षक अनिल जांगड़े को महतारी भाखा सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अनिल जांगड़े लंबे समय से छत्तीसगढ़ी भाषा में सतत लेखन कर रहे हैं। उनकी रचनाओं में लोक संस्कृति, सामाजिक सरोकार और जनजीवन की सजीव अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। साहित्य के साथ-साथ वे गायन के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं तथा उनके छत्तीसगढ़ी गीत यूट्यूब सहित विभिन्न डिजिटल मंचों पर श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं, जिससे महतारी भाखा को नई पहचान मिल रही है।
सम्मेलन में उपस्थित साहित्यकारों, कलाकारों एवं प्रबुद्धजनों ने अनिल जांगड़े के योगदान की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रचनाकार छत्तीसगढ़ी भाषा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में सेतु का कार्य कर रहे हैं। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत सृजन का सम्मान है, बल्कि पूरे अंचल के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।


