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खैरागढ़// स्कूल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रार्थना के दौरान एक के बाद एक 17 बच्चों की तबीयत बिगड़ गयी। सभी बच्चे चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे, जिसके बाद सभी बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। पूरा मामला खैरागढ़ का है।
जानकारी के मुताबिक खैरागढ़ जिले के करमतरा गांव स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चे एक-एक कर चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे। कुछ ही मिनटों में स्कूल परिसर चीख-पुकार और डर के माहौल में तब्दील हो गया। अचानक हुई इस घटना से शिक्षक, छात्र और स्कूल स्टाफ घबरा गए और तत्काल बच्चों को संभालने में जुट गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल खुलने से पहले रोज की तरह कई बच्चे समय से पहले स्कूल परिसर पहुंच गए थे। इसी दौरान खेलते-खेलते बच्चों ने स्कूल के आसपास लगे रतनजोत (जेट्रोफा) के पौधे का फल तोड़कर खा लिया। बच्चों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह फल जहरीला होता है। जब प्रार्थना सभा शुरू हुई, तो कुछ ही देर में बच्चों को चक्कर आने लगे। देखते ही देखते कई बच्चे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए बच्चों को प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की और उच्च अधिकारियों को सूचना दी। थोड़ी ही देर में स्कूल प्रबंधन की मदद से सभी बीमार बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि इस घटना में करीब 16 से 17 बच्चे प्रभावित हुए हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम ने तत्काल बच्चों का उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश बच्चों की हालत अब सामान्य और स्थिर बनी हुई है। हालांकि, चार बच्चों पर जहरीले फल का असर अधिक देखा गया है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इनमें से एक बच्चे की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए खैरागढ़ जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। बाकी बच्चों को अस्पताल में निगरानी में रखा गया है और लगातार उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
इस घटना की खबर जैसे ही करमतरा गांव में फैली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में पालक और ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा पहुंच गए। अस्पताल परिसर में डरे-सहमे बच्चे, रोते-बिलखते परिजन और चिंतित ग्रामीणों की भीड़ लग गई। कई माता-पिता की आंखों में अपने बच्चों को लेकर डर और चिंता साफ झलक रही थी, वहीं बच्चे भी काफी भयभीत नजर आ रहे थे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल परिसरों और आसपास के इलाकों में लगे जहरीले पौधों की पहचान कर उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही बच्चों को भी जहरीले फलों और पौधों के बारे में जागरूक करने की जरूरत बताई जा रही है।


