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रायपुर// छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी मामले को लेकर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा शुक्रवार को सिविल लाइन थाना पहुंचे और थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए FIR दर्ज करने की मांग की।
विधायक पुरंदर मिश्रा का आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा संगठन, सरकार और वरिष्ठ नेताओं की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राजनीतिक दल और लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख को नुकसान पहुंचाने की साजिश प्रतीत होती है।
किस पर है आरोप ..?
शिकायत के अनुसार, असलम मिर्जा नामक व्यक्ति के सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो और पोस्ट वायरल की गई है, जिसमें करोड़ों रुपये के कथित लेनदेन का आरोप लगाया गया है। विधायक का कहना है कि यह पोस्ट बिना किसी ठोस सबूत के, जानबूझकर फैलाई गई है। इतना ही नहीं, इस सामग्री को करीब 10 अन्य सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा भी वायरल किया गया, जिससे इसका दायरा और प्रभाव बढ़ गया। विधायक ने इसे सुनियोजित दुष्प्रचार करार दिया है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने थाने में दिए गए आवेदन में मांग की है कि
- संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ आईटी एक्ट और आपराधिक मानहानि की धाराओं में FIR दर्ज की जाए।
- आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए।
- मामले की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस अभियान के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर राजनीतिक माहौल को खराब करने और जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीजेपी नेताओं की छवि खराब करने का आरोप
विधायक मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस तरह के बेबुनियाद आरोप भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की छवि खराब करने के उद्देश्य से फैलाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे विपक्षी मानसिकता और असामाजिक तत्वों की साजिश बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में इस तरह के फर्जी और भ्रामक कंटेंट और भी अधिक फैल सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।सिविल लाइन थाना प्रभारी ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो की सत्यता, स्रोत और प्रसार की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।



