शेयर करें...
रायगढ़// बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान यानी एफएलएन के तहत विकासखंड पुसौर में प्राथमिक शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नवीन पाठ्य पुस्तकों को केंद्र में रखकर बच्चों की सीखने की क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम विकासखंड शिक्षा अधिकारी शैलेश देवांगन के दिशा-निर्देश में तथा बीआरसीसी शैलेन्द्र मिश्रा और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनीष सिन्हा के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। ब्लाक स्तरीय इस प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान गणित, पर्यावरण अध्ययन, भाषा और अंग्रेजी विषयों को सरल और रोचक तरीकों से पढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षकों द्वारा यह बताया जा रहा है कि किस तरह गतिविधि आधारित शिक्षण, कहानियों, खेलों और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से बच्चों में शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।
इस प्रशिक्षण में डीआरजी के रूप में सालिकराम नायक, भुवनेश्वर चौहान और रंजीता चौहान शिक्षकों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। वहीं बीआरजी के रूप में बेनी प्रसाद उरांव, लक्ष्मी ओगरे, मुरलीधर गुप्ता, हीरालाल सिदार, विष्णुचरण पांडा, सरिता श्रीवास्तव, शिशुपाल चौहान और शीलन सिदार द्वारा विषयवार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण सत्रों में नई पाठ्य पुस्तकों की संरचना, सीखने के लक्ष्य और कक्षा में उनके प्रभावी उपयोग पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। शिक्षकों को यह भी बताया जा रहा है कि किस तरह बच्चों की शुरुआती समझ को मजबूत कर आगे की पढ़ाई के लिए ठोस आधार तैयार किया जा सकता है।
शिक्षकों का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें कक्षा शिक्षण में नई ऊर्जा और नए विचार मिल रहे हैं, जिसका सीधा लाभ बच्चों की सीखने की प्रक्रिया पर पड़ेगा। एफएलएन के इस प्रयास से पुसौर विकासखंड में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।


