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रायपुर// छत्तीसगढ़ सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बड़ा बजटीय फैसला लेते हुए 35,000 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पारित किया है। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का कुल बजट 2 लाख करोड़ रुपये का हो गया है। यह प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट माना जा रहा है।
अनुपूरक बजट को सदन में चर्चा के बाद सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इस बजट में 1,937 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय और 33,063 करोड़ रुपये राजस्व व्यय के लिए रखे गए हैं। सरकार ने इस बजट को विकास, जनकल्याण और भरोसे की दिशा में मजबूत कदम बताया है।
बजट पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के अनेक सदस्यों ने भाग लेकर अपने विचार रखे। चर्चा में सर्व अजय चंद्राकर, राघवेन्द्र सिंह, उमेश पटेल, धर्म जीत सिंह, रामकुमार यादव, भावना बोहरा, लता उसेंडी, धरमलाल कौशिक, संगीता सिंहा, कुंवर निषाद, नीलकंठ टेकाम तथा द्वारिका यादव ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। यह अनुपूरक बजट उसी विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा और राज्य को विकास व समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ाएगा।
किसान और कृषि को सबसे ज्यादा प्राथमिकता
अनुपूरक बजट में कृषि विकास और किसान कल्याण को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। कृषक उन्नति योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पांच एचपी तक के पंपों के लिए मुफ्त बिजली बिल योजना पर 1,700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा बिना ब्याज के अल्पकालीन कृषि ऋण योजना के लिए 187 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 122 करोड़ और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 35 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा और महिलाओं पर बड़ा फोकस
खाद्य सुरक्षा के तहत पिछली सरकार के बकाया भुगतान के निपटान के लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना में 6,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं मार्कफेड को धान खरीदी में हुई हानि की भरपाई के लिए 12,424 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस तरह खाद्य सुरक्षा से जुड़े मदों में कुल 19,224 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
महिलाओं के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना में भी बड़ा इजाफा किया गया है। मुख्य बजट के 5,500 करोड़ रुपये के अलावा अनुपूरक बजट में 2,500 करोड़ रुपये और जोड़े गए हैं। इस योजना से प्रदेश की करीब 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
सुरक्षा, विकास और अधोसंरचना पर खर्च
नक्सल प्रभावित जिलों के समन्वित विकास के लिए 452 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 117 करोड़ और फॉरेंसिक अधोसंरचना के लिए 22 करोड़ रुपये रखे गए हैं। ग्रामीण विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया गया है।
इसके साथ ही औद्योगिक विकास के लिए 360 करोड़ रुपये, नगरीय विकास, खेल, परिवहन, अग्निशमन सेवाओं और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान भी इस अनुपूरक बजट में शामिल किए गए हैं।
सरकार का दावा है कि यह ऐतिहासिक अनुपूरक बजट छत्तीसगढ़ को आर्थिक मजबूती, सामाजिक सुरक्षा और तेज विकास की दिशा में नई गति देगा।



