शेयर करें...
रायपुर// छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन की गाइडलाइन वैल्यू से जुड़े फैसलों में बड़ा बदलाव करते हुए कई महत्वपूर्ण आदेश वापस ले लिए हैं। राज्य में हाल ही में जारी किए गए गाइडलाइन दरों की बढ़ोतरी को लेकर विभिन्न वर्गों, रियल एस्टेट सेक्टर, आम नागरिकों और व्यापारिक संगठनों की ओर से लगातार आपत्तियाँ सामने आ रही थीं। इन आपत्तियों और फीडबैक को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से कई प्रमुख आदेशों को निरस्त कर दिया है।
सबसे अहम आदेशों में नगरीय क्षेत्रों की जमीन के लिए तय किया गया 1400 वर्ग मीटर के इंक्रीमेंटल आधार पर गाइडलाइन बढ़ोतरी वाला प्रावधान वापस लेना शामिल है। इस आदेश को लेकर आरोप लगाया जा रहा था कि यह मध्यमवर्गीय और छोटे प्लॉट खरीदारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल देगा। सरकार ने इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए इसे रद्द करने का निर्णय लिया।
इसके अलावा, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए एक समान दर लागू करने का आदेश भी वापस ले लिया गया है। इस नियम के तहत आकार, स्थान और उपयोगिता के आधार पर अंतर को नजरअंदाज कर एक समान गाइडलाइन दरें लागू की जा रही थीं, जिससे छोटे व्यवसायियों और छोटे शोरूम मालिकों पर प्रभाव पड़ रहा था। अब इस प्रावधान को भी रद्द कर दिया गया है।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में, बहुमंजिला इमारतों के सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना से जुड़े आदेश को भी खत्म कर दिया गया है। इस आदेश के खिलाफ बिल्डरों और खरीदारों की ओर से व्यापक असहमति जताई गई थी। उनका कहना था कि सुपर बिल्ट-अप एरिया की गणना अक्सर अस्पष्ट रहती है, जिससे संपत्ति के मूल्यांकन में असमानता पैदा होने की संभावना रहती है। सरकार ने इन आपत्तियों को स्वीकारते हुए इस नियम को भी निरस्त कर दिया।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर निरस्त माने जाएंगे। साथ ही, गाइडलाइन दरों से जुड़े बाकी बिंदुओं पर नागरिकों, संगठनों और विशेषज्ञों से 31 दिसंबर तक सुझाव और आपत्तियाँ आमंत्रित की गई हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि सरकार भविष्य में एक संतुलित, पारदर्शी और जनहितकारी गाइडलाइन दर प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रही है।




You must be logged in to post a comment.