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सारंगढ़-बिलाईगढ़// डीएपी की किल्लत का फायदा उठाकर किसानों को ठगने वाला एक बड़ा खेल सामने आया है। सरिया में लंबे समय से नकली डीएपी बेचने के आरोपों से घिरे खाद कारोबारी पंकज अग्रवाल पर आखिरकार कृषि विभाग ने शिकंजा कसा। मंगलवार रात हुई कार्रवाई में उसका गोदाम सील कर दिया गया और बड़ी संख्या में खाद जब्त की गई।
जानकारी के मुताबिक पंकज अग्रवाल बड़े परसरामपुर में दुकान चलाता है और उसका गोदाम अग्रसेन मार्ग, सरिया बस्ती में भी है। आरोप है कि वह सस्ती क्वालिटी के खाद को डीएपी बताकर ऊंचे दामों में बेचता था। गोदाम में बिना बिल के खरीदे गए खाद को ब्रांडेड कंपनियों के बोरे में पलटी कर 600 रुपए की बोरी को 1400 रुपए में बेचा जा रहा था।
कृषि विभाग को इस बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं लेकिन कार्रवाई में देर होती रही। मंगलवार रात डीडीए के नेतृत्व में टीम ने गोदाम पर छापा मारा। मौके पर एक पिकअप में लोड करीब 50 बोरी डीएपी बरामद हुई। दस्तावेज मांगने पर पंकज अग्रवाल कोई भी कागज नहीं दिखा सका। गोदाम के अंदर और भी करीब 200 बोरी खाद मिला, जिसका भी कोई हिसाब-किताब नहीं था।
कृषि विभाग ने बरामद खाद के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। अगर सैंपल में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो पंकज अग्रवाल का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
यह मामला सवाल खड़े करता है कि जब पहले भी शिकायतें हुई थीं तो तहसीलदार ने समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की। इस लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा, जिन्होंने नकली डीएपी पर हजारों रुपए खर्च कर दिए।
अब सबकी निगाहें लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं। अगर मिलावट साबित हुई तो सरिया में नकली खाद का यह खेल हमेशा के लिए बंद हो सकता है।



