नकली पुलिस बनकर वाहनों से अवैध वसूली, SECL के असिस्टेंट मैनेजर, इंजीनियर सहित 5 आरोपी गिरफ्तार..

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कोरबा// कोरबा जिले में एसईसीएल के असिस्टेंट मैनेजर और इंजीनियर सहित 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि एसईसीएल के ढेलवाडीह माइंस में पदस्थ ये अधिकारी और कर्मचारी रात के वक्त बोलेरों जीप में पुलिस सायरन लगाकर भारी वाहनों की चेकिंग केे नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। इस बात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने छापामार कार्रवाई कर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर अवैध वसूली करने वाले एसईसीएल के अधिकारी और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

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जानकारी के मुताबिक पूरा मामला कटघोरा थाना क्षेत्र का है। प्रार्थी ट्रक मालिक अफसर अंसारी के ड्राइवर हार्दिक अंसारी ने कटघोरा थाना में लिखित शिकायत की है। उसने बताया कि वह ट्रक क्रमांक सीजी 12 बीजे 6068 में रायपुर से चावल लोड कर फरबेसगंज बिहार जा रहा था। देर रात लगभग 3ः15 बजे ढेलवाडीह बायपास के पास बोलेरो वाहन क्रमांक सीजी 12 बीजी 9852 जो सायरन बजाते हुए गाड़ी के पास के सामने आकर खड़ी हो गयी। इसके बाद गाड़ी से 5 लोग उतरे और अपने आपको टीआई व पुलिस बताते हुए डराने धमकाने लगे। गाड़ी का पेपर व बिल्टी की मांग की गयी। गाड़ी के सभी पेपर दिखाने के बाद भी उक्त लोगों के द्वारा चालक से अवैध तरीके से पैसों की मांग की जाने लगी।

पैसा नही देने पर चालक को जेल भेजने की धमकी भी दी गयी। इसके बाद आरोपियों ने ट्रक चालक से उसके पास रखे 2000 रूपये नगद और उसके मोबाइल को भी छीन कर अपने पास रख लिए। उधर इस मामले की जानकारी मिलते ही एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर तड़के ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी गयी। मौके से पुलिस ने अवैध वसूली में शामिल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कि गिरफ्त में आये पांच आरोपियों में 4 एसईससीएल के कर्मी और अधिकारी है। बताया जा रहा है कि एसईसीएल की ढेलवाडीह कोयला खदान में मुकेश केशरवानी की पोस्टिंग असिस्टेंट मैनेजर के पद पर पदस्थ है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस की माने तो आरोपी मुकेश केशरवानी अपने सहकर्मी अभिषेक मीणा, विकास मीणा और हर प्रसाद पटेल के साथ मिलकर रात के अंधेरे में भारी वाहन चालको से अवैध तरीके से गाड़ियों की जांच के नाम पर वसूली कर रहे थे। इस ग्रुप में एसईसीएल के असिस्टेंट मैनेजर मुकेश केशरवानी के साथ ही इंजीनियर और कम्पयूटर आॅपरेटर के पद पर कार्यरत अन्य तीन कर्मी शामिल थे। जबकि दिलीप यादव प्राईवेट वाहन चालक है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। उधर इस घटना की जानकारी के बाद से एसईसीएल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा भी आरोपी बने एसईसीएल कर्मियों पर एक्शन लिया जा सकता है।

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