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रायपुर// छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय-ED की छापेमारी के बाद पहली बड़ी कार्रवाई हुई है। ED ने चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और IAS अधिकारी समीर विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उनका मेकाहारा में मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। उनके अलावा कारोबारी सुनील अग्रवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी और नवनीत तिवारी की भी गिरफ्तारी हुई है। एजेंसी ने चारों को रायपुर की स्थानीय अदालत में पेश करेगी।
बता दें कि रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू के बंगले में जांच के एक दिन बाद गुरूवार को कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित माइनिंग ऑफिस में दबिश दी गई। इसके पहले कम्पोजिट बिल्डिंग को सीआरपीएफ की टीम ने अपने घेरे में ले लिया था। अधिकारी माइनिंग ऑफिस के अधिकारियों की टीम दस्तावेज खंगाल रही है। ED की एक बड़ी टीम ने सीआरपीएफ के सुरक्षा घेरे के साथ मंगलवार तड़के छत्तीसगढ़ के कई जिलों में फैले 40 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इनमें रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू का सरकारी आवास भी शामिल था। उसके अलावा खनिज विभाग के संचालक IAS जेपी मौर्या, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समीर विश्नोई, पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर सहित कोयला और परिवहन कारोबार से जुड़े तमाम व्यापारियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां छापा पड़ा। रायगढ़ में रानू साहू नहीं मिली तो एजेंसी ने उनके सरकारी आवास को सील कर दिया था।
बताया जा रहा है, एजेंसी ने बुधवार तक छापे की कार्रवाई पूरी कर लिया था। दोपहर बाद आईएएस समीर विश्नोई, उनकी पत्नी और दूसरे कारोबारियों को ED ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। बाद में विश्नोई की पत्नी को छोड़कर बाकी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की तैयारी है। बताया जा रहा है, ED रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू से भी पूछताछ करेगी। उनकी मौजूदगी में उनके सरकारी आवास का सील खोलकर तलाशी भी ली जाएगी। हालांकि अभी तक ED ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
रानू साहू ने चिट्ठी लिखकर कहा- जांच में सहयोग करुंगी
रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू हैदराबाद से लौट आई हैं। उन्होंने अपने सरकारी लेटर हेड पर ED के जांच अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि, वे जांच में सहयोग करेंगी। रानू साहू का कहना है, 10 अक्टूबर से वे अवकाश पर थीं। उनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहां उनका एक माइनर ऑपरेशन भी हुआ। अब वे रायगढ़ में आ गई हैं। वे पूर्ण पारदर्शिता से प्रशासनिक कार्य करती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि ED की जांच में उनकी ओर से पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।

तीन दिन पहले यानि मंगलवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और महासमुंद जिले में ईडी का छापा पड़ा था। इन प्रमुख शहरों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी देर रात पहुंच चुके थे और सुबह 5:00 बजे अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा गया था। एक ही वक्त पर ईडी के अधिकारी 10 से ज्यादा जगहों पर अलग-अलग टीम बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं। जिन जगहों पर छापा मारा गया है उनमें कारोबारी और CA शामिल हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस छापे को डराने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा, यह आखिरी नहीं है। चुनाव तक ये बार-बार आएंगे।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर बोला था हमला
ईडी की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले भी कह चुके हैं कि, भाजपा सीधे लड़ नहीं पा रही है तो ईडी-आईटी, डीआरआई के माध्यम से लड़ने की कोशिश कर रही है। मैं पहले ही कह चुका हूं कि ये और आएंगे। यह आखिरी नहीं है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा इनकी यात्राएं बढ़ेंगी। यह डराने-धमकाने का ही काम है। उसके अलावा कुछ नहीं।
कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर और अग्रसेन मार्ग पर तीन व्यापारियों के ठिकानों में ED की टीम ने दबिश दी गई थी। पुलिसकर्मियों को घर और कार्यालय के पास तैनात किया गया है। आरकेटीसी कंपनी के दफ्तर, ट्रांसपोर्टर राजकुमार अग्रवाल के घर और दफ्तर और कोल व्यवसायी संजय जायसवाल के घर पर कार्रवाई चल रही है।




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