आंदोलन में किसान की मौत पर बवाल, बीजेपी ने घेरा राज्य सरकार को, CM ने 4 लाख मुआवजा देने का किया घोषणा..

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रायपुर// आंदोलन के दौरान किसान की मौत के बाद अब उसके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई है। मृतक किसान के गांव बरौदा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कई गांवों के किसान वहां जुट रहे हैं। उधर, आंदोलनकारी, किसान का शव NRDA भवन के सामने रखकर श्रद्धांजलि देना चाहते थे। मगर प्रशासन ने उन्हें शव को कहीं भी ले जाने से इनकार कर दिया।

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आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर का कहना है, किसान सियाराम पटेल अपने हक के लिए लड़ते हुए शहीद हुए हैं। उनकी शहादत को सम्मान देने के लिए हम लोग आंदोलन स्थल NRDA भवन के सामने शव रखकर श्रद्धांजलि देना चाहते थे। प्रशासन ने हमें शव सौंपने से इनकार कर दिया। ऐसे में सभी लोगों को श्रद्धांजलि के लिए श्मशान ही बुलाया जा रहा है।

NRDA ने 50 हजार की सहायता राशि दी

बताया जा रहा है, NRDA के महाप्रबंधक मृतक किसान के घर पहुंचे थे। उन्होंने मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपए का चेक सौंपा है। पुलिस और प्रशासन के तमाम मैदानी अधिकारी बरौदा गांव में मौजूद हैं। कुछ स्थानीय कांग्रेस और भाजपा नेताओं के भी वहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

किसान की मौत पर विपक्ष का बवाल

नवा रायपुर में पिछले 60 दिनों से धरना दे रहे एक किसान की शुक्रवार को मौत हो गई थी। सियाराम पटेल नाम का यह किसान, किसानों के पैदल मार्च में शामिल हुआ था। मंत्रालय जाकर अफसरों से अपनी बात कहना चाहता था, बीच रास्ते में पुलिस ने सियाराम समेत हजारों किसानों को रोका। यहीं अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद सियाराम की मौत हो गई। अब इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ का विपक्ष सरकार को घेर रहा है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा, इस मामले में कांग्रेसियों पर FIR दर्ज की जानी चाहिए। छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी किसानों की इस दुर्दशा की जिम्मेदार है। क्योंकि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में सत्ता में है, ऐसे में किसानों के बुरे हाल की जिम्मेदार भी कांग्रेस है। किसान की मौत पर कांग्रेसी नेताओं पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

चार लाख रुपए मुआवजे की घोषणा

नवा रायपुर में किसान सियाराम पटेल की मौत की खबर आते ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जाहिर करते हुए पीड़ित परिजनों को 4 लाख की सहायता राशि देने का ऐलान कर दिया है। जिला प्रशासन की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक सियाराम पटेल के बेटे हीरालाल ने बताया कि पिता सियाराम को ब्लड प्रेशर की शिकायत थी। शाम को अचानक धरना कार्यक्रम के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ी। सियाराम को फौरन बालको अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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