पुलिस की गुंडागर्दी : युवक को पीटा था जमकर, शिकायत की तो उस पर भी दर्ज कराई FIR, लेनी पड़ी जमानत, लेकिन पुलिस पर कार्रवाई नहीं..

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कवर्धा// कवर्धा में पुलिस ने एक युवक को जमकर पीटा। उसकी शिकायत पर 3 थानेदार सहित 6 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज हो गई। इस बात से गुस्साए पुलिसकर्मियों ने युवक के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करा दिया। इसके बाद युवक को कोर्ट से अग्रिम जमानत लेनी पड़ी और फिलहाल वह अस्पताल में इलाज करा रहा है। वहीं इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तक नहीं की गई। मामला कुंडा थाना क्षेत्र का है।

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नए साल के पहले दिन पंडरिया के ग्राम कुंडा में गुरु घासीदास जयंती को लेकर छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। राजेश टंडन (35) भी कार्यक्रम देखने के लिए गया हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान कुंडा थाने के 6 पुलिसकर्मियों ने उससे मारपीट की। मामले में परिजनों की शिकायत पर SI देव नारायण यादव, गोपाल राजपूत, ASI शंकर टंडन, कांस्टेबल किशन कश्यप और 2 नगर सैनिकों रवि व महेन्द्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

नगर सैनिकों ने भी दर्ज कराई FIR, राजेश अस्पताल में

नगर सैनिकों ने भी राजेश टंडन के साथ संतू टंडन, मनहरण टंडन और रोशन टंडन पर धारा 186, 294, 332, 353, 34 के तहत मामला दर्ज करा दिया। इसके बाद इन चारों को कोर्ट से अग्रिम जमानत लेनी पड़ी। परिजनों ने बताया कि राजेश का पैर फैक्चर हो गया है। उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 60 हजार रुपए ऑपरेशन में खर्च हो गए। आगे के उपचार के लिए रुपए नहीं होने पर उसे फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आयोग में शिकायत की, तब पुलिस पर दर्ज हुआ मामला

परिजनों ने मानवाधिकार आयोग, गृह मंत्री, DGP के पास लिखित में शिकायत दी। इसके बाद ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिस पक्ष से मारपीट की घटना हुई, उसके खिलाफ गंभीर धारा लगाकर कार्रवाई की है। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पुलिस ने अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया है। आरोपी सिपाही को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

जांच कर रहे, जल्द ही कोर्ट में पेश करेंगे

कुंडा थाना प्रभारी बीपी तिवारी ने बताया कि इस मामले में जांच कर रहे है। 6 पुलिसकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन 6 पुलिसकर्मी में एक अनुसूचित जाति का कर्मचारी है। इस कारण एट्रोसिटी एक्ट का मामला नहीं बनता। मारपीट के संबंध में आयोजन समिति के सदस्यों का बयान लेंगे। जल्द की मामले को कोर्ट में पेश करेंगे। वर्तमान में जांच जारी है। इसके अलावा दूसरे पक्ष के सभी लोगों को कोर्ट से अग्रिम बेल मिल गई है।

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