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मुंगेली// कागजों में ही हुए नाली निर्माण मामला अब तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। बता दें कि जिले के परमहंस वार्ड में बिना नाली के निर्माण के कागजो में ही ठेकेदार को 13 लाख रुपए का भुगतान किया गया था। जिसके लेकर हुई शिकायत के बाद एसडीएम के नेतृत्व में बनी जांच समिति ने आरोप सही पाया था। जिसके बाद मामले में नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर, संबंधित ठेकेदार सहित 6 लोगों के ऊपर एफआईआर किया गया था।

एफआईआ के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे वहीं मामले के आरोपी संतुलाल सोनकर, सियाराम साहू और सोफिया कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार वसीम खान द्वारा मुंगेली जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत आवेदन किया गया। अग्रिम जमानत पर दिनांक 07.08.2021 को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में लंबी बहस हुई। बहस सुनने के उपरांत अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने अग्रिम जमानत पर फैसला आगामी तिथि के लिए सुरक्षित रखा था। जिस पर आज दिनांक 09.08.2021 को नाली भ्रष्टाचार पर अपना फैसला देते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रबोध टोप्पो ने मामले के आरोपी नपा अध्यक्ष संतुलाल सोनकर, तत्कालीन लिपिक सियाराम साहू और सोफिया कंस्ट्रक्शन के संचालक ठेकेदार वसीम खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। मामलें में अतिरिक्त लोक अभियोजक स्वतंत्र तिवारी ने शासन की ओर से पैरवी की।
मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अभियुक्तगणों के विरुद्ध धारा 420, 120 (B), 409, 467, 468, 471 IPC के अंतर्गत सहअभियुक्तगण के साथ मिलकर लगभग 300 मीटर नाली निर्माण में वित्तीय अनियमितता कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 13 लाख इक्कीस हजार आठ सौ अट्ठारह रुपये का शासकीय रकम अध्यक्ष एवं अन्य के जिम्मेदार पद में पदस्थ होते हुए भी उक्त रकम गबन कर धोखाधड़ी करने का आरोप हैं जो कि एक गंभीर प्रकृति का अपराध है, मामला विवेचना स्तर पर है। न्यायालय ने यह माना कि यदि अभियुक्तगणों को जमानत का लाभ दिया जाता हैं तो वे प्रार्थी एवं साक्षियों को प्रभावित कर सकते हैं। अतः प्रकरण के समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों पर विचार करते हुए अभियुक्तगणों की प्रथम अग्रिम जमानत खारिज की गई।



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