अपेक्स बैंक और समिति प्रबंधक की लापरवाही से किसान के खाते से पार हुआ 5.50 लाख रुपये… मैनेजर और समिति प्रबंधक समेत 3 पर दर्ज हुई FIR…

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रायगढ़// अपेक्स बैंक प्रबंधन की लापरवाही की वजह से तरकेला के एक किसान के खाते से अज्ञात आरोपी ने लगभग साढ़े पांच लाख रुपए निकाल लिए। इस बात का पता किसान को तब चला जब वह बैंक में अपने खाते का बैलेंस चेक करवाने गया। बैंक पहुंचे किसान को जब स्टाफ ने बताया कि अकाउंट में सिर्फ पांच हजार रुपए हैं बचे है यह सुनते ही उसके होश उड़ गए। जिसके बाद स्टेटमेंट निकलने पर पता चला कि मई और जून के पहले हफ्ते के बीच किसी ने एटीएम के जरिए लगभग साढ़े पांच लाख रुपए निकाल लिए। वहीं पीड़ित किसान की शिकायत पर जूटमिल पुलिस ने अपेक्स बैंक मैनेजर समेत तीन लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया।

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आपको बता दें कि हीरालाल चौधरी का खाता छग राज्य सहकारी बैंक मर्यादित शाखा (अपेक्स बैंक) में है। वह लगभग तीन साल से फसल बेचने के बाद मिले रुपयों को जमा कर रहा था। उसने इस साल साढ़े आठ लाख रुपए जमा कर लिए थे और लगभग 3 लाख रुपए खुद निकाले थे। जिसके बाद खाते में साढ़े पांच लाख रुपए बचे थे। शुक्रवार को अपेक्स बैंक में बैलेंस रकम की जानकारी लेने गए हीरालाल को पता चला कि उसके खाते में सिर्फ 5 हजार रुपए हैं। ग्रामीण ने शंका जाहिर की है कि बैंक के अफसरों ने उसके नाम से किसी और को एटीएम कार्ड जारी कर दिया जिससे रकम निकाली गई। अपेक्स बैंक के शाखा प्रबंधक और संबंधित अफसरों, सेवा सहकारी तरकेला के प्रबंधन पर शंका जाहिर की है। पुलिस ने अपेक्स बैंक के शाखा प्रबंधक, सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक और अज्ञात व्यक्ति पर अपराध दर्ज किया है।

खाते से 68 बार में निकाले रुपए 5.50.लाख रुपए

अज्ञात आरोपी ने 68 बार में रुपए निकाले हैं। जिसका मैसेज एक बार भी पीड़ित किसान के पास नहीं पहुंचा। अज्ञात आरोपी ने दो महीने के भीतर ही साढ़े पांच लाख रुपए निकाले। पीड़ित इस बीच यह सोचकर निश्चिंत रहा कि उसके रुपए खाते में सुरक्षित हैं लेकिन बैंक पहुंचने पर खाते में केवल 5 हजार रुपए ही बचे थे। पीड़ित ने आवेदन में बताया कि सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक ने उसे किसी दूसरे किसान का एटीएम कार्ड दिया है। जिस एटीएम कार्ड के जरिए खाते से रुपए निकाले गए हैं वह एटीएम कार्ड पीड़ित के पास है ही नहीं। ठगी का शिकार हुए किसान ने बताया कि उससे न तो किसी ने ओटीपी पूछी है और न आहरण का कभी मैसेज मिला।

जिले में किसानों से ठगी के कई मामले

जिले में किसानों से ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। हर साल ऐसी एक-दो शिकायतें थानों में पहुंची हैं। कई बैंकों में फर्जी दस्तावेज के जरिए कर्मियों की मिलीभगत से किसानों के नाम केसीसी लोन निकालने के कई मामले सामने आए हैं। बैंक ऑफ महाराष्ट्र में पूर्व बैंक अफसर समेत 8 लोग जेल भी जा चुके हैं। परिचित लोगों द्वारा किसानों से ठगी के मामले भी सामने आए हैं। जागरूकता की कमी और आधुनिक सुविधाओं से लैस नहीं होने के कारण किसानों को उनके नाम पर फर्जी लोन का पता सालों बाद तब चलता है जब बैंक से रिकवरी का नोटिस आता है।

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