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नई दिल्ली/ भारत में अपनी नई यूजर डाटा पॉलिसी (User Data Policy) को लेकर परेशानी झेल रहे इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप WhatsApp के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है. नई
दिल्ली के थिंक टैंक साइबरस्पेस फाउंडेशन (Cyberspace Foundation) ने कहा है कि चीन के हैकर्स पार्ट टाइम जॉब (Part Time Job) का वादा करके भारतीय व्हाट्सऐप यूजर्स को निशाना बना रहे हैं. व्हाट्सऐप पर आ रहे ऐसे मेसेज में एक लिंक दिया जाता रहा है. इसमें दावा किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति हर दिन महज 10 से 30 मिनट काम करके 200-3000 रुपये की कमाई (Earning) कर सकता है.
एक यूआरएल चीन की कंपनी अलीबाबा क्लाउड से है जुड़ा:-
फाउंडेशन ने कहा कि व्हाट्सऐप पर भेजे रहे संदेश में कई लिंक अटैच किए जा रहे हैं. ऐसे लिंक यूजर्स को एक कॉमन यूआरएल (Common URL) पर ले जाते हैं. इसमें हर लिंक कई मेसेजेस में भेजा रहा है. ये पाया गया है कि एक ही लिंक सभी दूसरी तरह के लिंक के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इन लिंक्स को व्हाट्सऐप के जरिये हर क्षेत्र और अंग्रेजी को छोड़कर हर भाषा में री-डायरेक्ट किया जा सकता है. हर लिंक यूजर को एक ही सोर्स तक ले जाता है. हालांकि, एक लिंक दूसरे यूआरएल और नए आईपी एड्रेस पर ले जा रहा है, जो चीन की कंपनी अलीबाबा क्लाउड से संबंधित है.
आईपी एड्रेस को लेकर किया है दावा:-
साइबरस्पेस फाउंडेशन ने बताया कि जब यूआरएल को मैनिप्यूलेट किया जाता है तो चीनी भाषा में एक एरर कोड डिस्प्ले होता है. जांच में पाया गया कि इसका डोमेन नेम चीन में रजिस्टर्ड है. फाउंडेशन ने दावा किया है कि इस लिंक का आईपी एड्रेस 47.75.111.165 है. ये अलीबाबा क्लाउड, हॉन्ग कॉन्ग और चीन में ट्रेस किया गया है. ये खबर ऐसे समय आई है, जब व्हाट्सऐप अपने यूजर्स को फेसबुक के साथ अपना निजी डाटा साझा करने की सहमति मांग रहा है. ऐसा नहीं करने पर यूजर्स का व्हाट्सऐप अकाउंट 8 फरवरी 2021 के बाद बंद कर दिया जाएगा.


