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रायगढ़// लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बाद रायगढ़ में केलो नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। केलो डैम में पानी भरने के बाद प्रशासन ने मंगलवार सुबह डैम के 6 गेट खोल दिए। इसके बाद नदी का पानी निचले इलाकों में फैल गया और कई जगह बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
डैम के गेट खुलने से खर्राघाट और एसईसीएल रपटा पुल पानी में डूब गए। वहीं शहर का चक्रपथ और एसईसीएल मरीन ड्राइव भी पानी से भर गया, जिससे इन रास्तों पर आवागमन पूरी तरह बंद करना पड़ा। सुरक्षा के लिए प्रशासन ने चक्रपथ के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी।
चक्रपथ बंद होने का असर शहर के यातायात पर भी पड़ा। चक्रधरनगर रोड, गोपी टॉकीज मार्ग, नया शनि मंदिर रोड और जेल रोड पर पूरे दिन वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कलेक्ट्रेट और जुटमिल की ओर आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात पुलिस ने मोर्चा संभालकर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार, केलो डैम की अधिकतम जलभराव क्षमता 233 मीटर है, जबकि बारिश के बाद जलस्तर 231.8 मीटर तक पहुंच गया था। लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए डैम के गेट खोलने का निर्णय लिया गया, ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी की जा सके।
शाम तक केलो नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा। इसके बाद चक्रपथ से दोबारा आवागमन शुरू कराया गया और शहर में लगा लंबा जाम भी खत्म हो गया। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी और रपटा पुलों के पास नहीं जाने की अपील की है।



