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मुंगेली/ जिले में इन दिनों मवेशियों में अज्ञात बीमारी का प्रकोप फैला हुआ है. जिससे किसान इन दिनों अपने मवेशियों को लेकर खासे चिंतित है. बता दे कि लोरमी ब्लाक अंतर्गत मवेशी ऐसे ही बीमारी की मार झेल रहे है. क्षेत्र के लगभग हजारों की संख्या में मवेशी इस अज्ञात बीमारी की चपेट में है.

लोरमी विधान सभा क्षेत्र के, क्षेत्र क्रमांक 5 डोंगरिया के जनपद सदस्य की माने तो पूरे क्षेत्र में मवेशी इस अज्ञात महामारी की आगोश में है. उन्होंने बताया कि मवेशियों के पैर में फुंसी फोड़े और कई मवेशियो के पैरो में सुजन तक आ रही है साथ ही उनमें कीड़े भी लग रहे है. और इस अज्ञात महामारी का प्रकोप क्षेत्र में लगभग एक से डेढ़ माह से फैल हुआ है.

वही इस संबंध में जब हमने क्षेत्र के पशु चिकित्सक प्रमोद नामदेव से बात की तो उन्होंने बताया कि यह एक नई प्रकार की बीमारी है और इस बीमारी का इलाज हमारे द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने आगे बताया कि लगभग 7 दिनों के सघन इलाज से मवेशियों के घांव ठीक हो रहे है. वही इस बीमारी का पता लगाने के लिए मवेशियो के घांव का सेम्पल लैब में भेज दिया गया है साथ ही उच्च अधिकारियों को इस संबंध जानकारी दे दी गयी है. जैसे ही इसकी रिपोर्ट आती है वैसे ही गांव में शिविर लगा कर व अभियान चलाकर इस महामारी के रोकथाम हेतु कारगर कदम उठाया जायेगा. वही वर्तमान में उपलब्ध दवाईयों का उपयोग करके इलाज किया जा रहा है.

यहां यह बताना लाजमी होगा कि लोरमी पशु विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है. जानकारी के अनुसार यहां 90 प्रतिशत पद रिक्त है. वही 1 पशुचिकित्सक और 1 क्षेत्र अधिकारी के सहारे विभागीय क्रियान्वयन किया जा रहा है जो नाकाफी है. क्योकि क्षेत्र में लाखों की संख्या में मवेशी है और वर्तमान में इस प्रकार की अज्ञात बीमारी का सामने आना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नही है.
बहरहाल क्षेत्र में किसान और उनके पशु! कर्मचारियों डाक्टरो और स्टाफ की कमी की वजह से इस भयंकर महामारी के इलाज हेतु प्रशासन की बाट जोह रहे है. लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि पशुविभाग और प्रशासन द्वारा इस महामारी के इलाज हेतु कब तक उचित कदम उठाए जाते है और कब तक खाली पदों में भर्ती प्रक्रिया आरम्भ कर बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करते क्षेत्र के पशुपालको और किसानों को शासन की योजनाओ का लाभ दिला पाते है.



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