पुलिस ने सुलझाई हत्या की गुत्थी, दो आरोपियों ने घर मे घुस कर सो रहे ग्रामीण को उतारा था मौत के घाट, बाइक के इंडिकेटर में लगे खून की वजह से पकड़े गए आरोपी..

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रायगढ़/ लोहाखान कुनकुनी में शनिवार देर रात हुई हत्या की गुत्थी खरसिया पुलिस ने एक दिन बाद ही सुलझा दी। दो आरोपियों ने घर में घुस कर सो रहे ग्रामीण की हत्या की थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा। पूछताछ में उसने वारदात का पता नहीं होने की बात कही, इसी बीच बाइक की जांच करते हुए फॉरेंसिक की टीम को इंडिकेटर पर खून का धब्बा दिखा। इससे ही हत्या का राज खुल गया। आरोपी ने पुरानी रंजिश के कारण दोस्त के साथ मिलकर यह हत्या की थी।

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रविवार को खरसिया थाने में मृतक परमानंद राठिया के पुत्र ने बताया कि घर में सो रहे उसके पिता की अज्ञात बदमाश हत्या कर भाग गए। जाते हुए आरोपियों ने बाहर से दरवाजे की सांकल लगा दी थी। सुबह परमानंद की पत्नी को हत्या की जानकारी हुई। रिपोर्ट के बाद एसपी संतोष सिंह ने एफएसएल टीम के साथ डॉग स्क्वायड की टीम को खरसिया भेजा। टीआई खरसिया सुमंत राम साहू अपने स्टाफ के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ करने लगे। पता चला कि कुछ दिन पहले मृतक का कुनकुनी के शंकर लाल राठिया (42) के साथ विवाद हुआ था। टीआई शंकर के घर पहुंचे और पूछताछ करने लगे। शंकरलाल ने घटना से खुद को अनजान बताया। टीआई साहू की नजर शंकरलाल के बाइक पर पड़ी जिसके दाहिने इंडिकेटर पर लाल खून का धब्बा लगा हुआ था। इससे ही सुराग मिला।

खेत में घुस फसल खाने गए थे मवेशी, इसकी खुन्नस:-

आरोपी शंकरलाल ने बताया कि उसका खेत परमानंद के घर के पास है। खेत में लगी फसल को परमानंद के मवेशी खा गए थे। दोनों के बीच इसे लेकर झगड़ा हुआ था। खेत में सिंचाई के लिए लगे पाइप को रात में कोई काट देता था। आरोपी परमानंद को इसका जिम्मेदार मानता था। अक्सर खेत को देखने गांव के पूरनलाल के साथ जाता था। आरोपी ने पूरनलाल को भी झगड़े की जानकारी दी थी। दोनों ने प्लानिंग की।

इस तरह से प्लानिंग कर हत्या फिर छिपाए सबूत:-

10 अप्रैल की रात आरोपी बाइक पर परमानंद के झोपड़ी पहुंचे। हत्या के लिए शंकरलाल राठिया लोहे का हसिया और पूरन राठिया ने गुप्ती रखी थी। झोपड़ी में सो रहे परमानंद के गले पर धारदार हसिया से वार किया। परमानंद उठकर जान बचाने के लिए संघर्ष करने लगा। तब पीछे से पीठ पर गुप्ती से 3-4 बार वार किया गया। दोबारा गले को रेत कर उसकी हत्या कर बाइक लेकर डेम गए। डेम में शंकर ने अपने खून से सने कपड़ों को धोया और नहाया। हसिया, पेंट को डेम के पास छिपाकर बाइक लेकर घर आ गए। वारदात के बाद हसिया इंडिकेटर से छू गया था, इससे उस पर खून का निशान पड़ा, इससे ही आरोपी पकड़े गए।

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