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रायपुर// विश्व प्रवासी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संघ का राष्ट्रीय बेबीनार दिनांक 27 सितंबर को संपन्न हुआ। इस वेबीनार को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता रायपुर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक बजाज ने कहा कि नई पीढ़ी को ऊर्जावान, गुणवान और संस्कारवान बनाना आज की महत्ती आवश्यकता है। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा नीति में आमूलचूल परिवर्तन किया है। यह नए भारत के निर्माण की दिशा में उठाया गया क्रांतिकारी कदम है। इसी प्रकार कृषि को लाभकारी बनाकर युवा वर्ग को खेती-किसानी की ओर प्रेरित करने के लिए कृषि कानून में व्यापक सुधार किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की एक अपनी पहचान है तथा इसकी विशेषताओं से समूचा विश्व परिचित है, इसके बावजूद इसे कुचलने के प्रयास होते रहें हैं। बजाज ने आगे कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी ने भारतीय संस्कृति की वृहत व्याख्या करते हुए एकात्म मानव दर्शन का प्रतिपादन किया। उनके विचार और दर्शन हमारे आदर्श जीवन के आधार है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन यानी 27 सितंबर 1925 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। हमारा परम सौभाग्य है कि हम इस विचारधारा के संवाहक हैं। हमारा सबका प्रयास होना चाहिए कि दुनिया भर में अपनी संस्कृति का प्रचार कर भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में पुनर्स्थापित करें। इस वेबीनार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पुणे के पूर्व प्रचारक विनय तिवारी एवं संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी भगवान सिंह का भी मार्गदर्शन मिला।
इस वेबीनार की शुरुआत में दिल्ली की प्रभारी लता भार्गव ने वंदे मातरम का गान किया। इस अवसर पर 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक होने वाले राष्ट्र सेवा यज्ञ सहयोग कार्यक्रम के अलावा संगठन विस्तार एवं सदस्यता अभियान पर चर्चा हुई। विश्व प्रवासी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संघ के संगठन मंत्री डा. सत्यप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में रमेश गुप्ता, संतोष तिवारी, जी.के श्रीवास्तव, मधु वत्स, एस.पी सिंह , भीमसेन अग्रवाल, पी. कृष्ण मूर्ती, अनीता ठाकुर, विक्रांत शर्मा, दिग्विजय सिंह छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद भट्ट व छत्तीसगढ़ के युवा प्रभाग प्रदेश अध्यक्ष संग्राम सिंह राणा ने भी सुझाव के रूप में अपने विचार रखें। इस बेबीनार में स्वागत श्री प्रकाश एवं परिचय संदीप मिश्रा ने दिया। धन्यवाद प्रस्ताव रश्मि विश्वजीत अध्यक्ष उत्तर प्रदेश ने दिया। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र से किया गया।


