शेयर करें...
रायगढ़// सोमवार दोपहर खाद्य विभाग की टीम ने गुड़ेली के एक क्रशर से 2 हजार लीटर नकली डीजल से भरा टैंकर जब्त किया है। यह लिक्विड रायगढ़ के नामचीन पेट्रोलियम उत्पादों के कारोबारी ने सप्लाई किया था। प्रकरण बनाने के बाद अब मामला जिला दंडाधिकारी (कलेक्टर) के समक्ष रखा जाएगा। इससे पहले भी जिले में नकली डीजल जब्त किया जा चुका है।
डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए केंद्र और राज्यों की बैठक भले ही बेनतीजा रही हो लेकिन जिले के कारोबारियों ने महंगे डीजल का विकल्प ढूंढ लिया है। महीनेभर पहले गुजरात से बड़े टैंकर में मंगाया गया नकली डीजल जब्त किया गया था। उससे पहले ही दो कार्रवाइयां हुईं, जिसमें डीजल जैसे गुणों वाला पेट्रोलियम प्रोडक्ट जब्त किया जा चुका है। सोमवार को अशोक अग्रवाल नामक व्यक्ति के गुड़ेली स्थित साईं मेटल क्रशर पर छापा मारकर खाद्य विभाग ने सीजी 13-एएन 6437 मिनी टैंकर जब्त किया है। इसमें 2000 लीटर पेट्रोलियम प्रोडक्ट भरा हुआ था। खाद्य विभाग ने ड्राइवर ताज मोहम्मद को पकड़कर पूछताछ की तो उसने बिल दिखाया, बिल रायगढ़ के शारदा पेट्रो के संचालक हर्षित अग्रवाल (पिता नटवर अग्रवाल) के द्वारा जारी किया गया था।
बिल भी दे रहे हैं, मतलब दिलेरी से कारोबार
खाद्य विभाग भले ही नकली डीजल के लिए एक्सप्लोसिव लाइसेंस नहीं होने और दूसरी कमियां गिना कर कार्रवाई कर रहा हो लेकिन नकली डीजल का कारोबार करने वाले इसे बेखौफ बेच रहे हैं। गुजरात से सीधे क्रशरों में सप्लाई और अब स्थानीय डीलर द्वारा बाकायदा बिल के जरिए फ्यूल ऑयल बताकर दो हजार लीटर की सप्लाई से यह स्पष्ट है कि तकनीकी रूप से व्यवसायी इसका व्यवसाय गलत नहीं मान रहे हैं। खाद्य विभाग लैब में नकली डीजल के फ्लैश प्वाइंट (ज्वलनशीलता) की जांच करा रहा है। प्रशासन ने अब तक उत्पादों पर टैक्स की देनदारी के एंगल से जांच नहीं की है।
एक मामले में दो लाख का जुर्माना, दूसरा विचाराधीन
सहायक खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह ने बताया कि पहले बने दो प्रकरणों में पहले में जांच के बाद फ्लैश प्वाइंट 132 पाया गया था। यह एक्सप्लोसिव कैटेगरी में नहीं आता था इसलिए इस पर लगभग दो लाख रुपए का जुर्माना किया गया था। दूसरा मामला जिला दंडाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन है। गुड़ेली में जब्त किए गए पेट्रोलियम प्रोडक्ट का सैंपल लिया गया है। उसकी जांच कराई जाएगी।


