छत्तीसगढ़ में आज भी बारिश-ओले से लुढ़का दिन का पारा, नए साल के 11 दिन में 202% गिरा पानी..

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रायपुर// छत्तीसगढ़ में बदले मौसम ने ठंड को बढ़ा दिया है। लगातार बारिश का दौर जारी है। इसके कारण दिन का पारा लुढ़क गया है। हालांकि नमी के चलते रात का तापमान बढ़ा है। दिन और रात के मौसम में आ रहे इस उतार-चढ़ाव के कारण कई इलाकों में धुंध भी छाई है। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बुधवार को भी बादलों ने डेरा डाल रखा है। मौसम विभाग ने आज भी कई इलाकों में बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है।

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प्रदेश में नए साल में ही दोगुनी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 11 दिन में 128.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस दौरान प्रदेश में बारिश का औसत 63.6 मिमी रहा है, यानी अब तक लगभग 202 प्रतिशत पानी बरस चुका है। मंगलवार को हुई इस बारिश का असर अब बुधवार और गुरुवार को भी रहेगा। नमी के चलते कई इलाकों में बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं एक-दो स्थानों पर ओले भी गिर सकते हैं।

रायपुर में मौसम खुलने के बाद भी रहेगा कोहरा

राजधानी रायपुर में मंगलवार को सुबह से शाम तक बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। इसके चलते दोपहर का तापमान औसत से 6 डिग्री कम हो गया और दिन में ठंड भी महसूस हुई। दोपहर बाद मौसम खुला तो शहर के खुले इलाके धुंध की चादर में लिपट गए। लाभांडी से नवा रायपुर तक आउटर में धुंध और गहरी थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मौसम खुल जाएगा, तब भी एक-दो दिन सुबह घना कोहरा और रात में धुंध रहेगी।

बिलासपुर में चक्रीय चक्रवात ने बदला मौसम का मिजाज

बिलासपुर में भी चक्रीय चक्रवात का असर बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है। ‎मंगलवार को हुई बारिश के बाद शहर का‎ अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री दर्ज हुआ।‎ यह 10 साल में चौथी बार है, जब जनवरी में इतना अधिकतम तापमान दर्ज किया गया हो। जबकि एक दिन पहले ही शहर का‎ अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री था जो कि‎ सामान्य से तीन डिग्री कम था। न्यूनतम‎ तापमान 16.4 डिग्री दर्ज हुआ जो सामान्य से‎ 4 डिग्री अधिक था।

सब्जियों और दलहन की फसलें खराब

गेंहू को छोड़कर सभी फसलों को नुकसान है। चना, तिवरा, मटर, अलसी, मसूर, सरसो और देरी से बोए गए अरहर की फसल, जिसमें अभी फूल आने की स्थिति है, उसे नुकसान होगा। सब्जियों और भाजियों को भी हानि होगी। इसका उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को नुकसान होगा। इसमें गोभी और टमाटर की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा। बादलों के छाए रहने से फसलों में कीट का प्रकोप भी बढ़ सकता है।

राजस्थान के पश्चिमी विक्षोभ ने बदला छत्तीसगढ़ का मौसम

मौसम विज्ञानी एचपी‎ चंद्रा ने बताया कि अभी उत्तरी राजस्थान के‎ ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ आया हुआ है।‎ इसके ऊपर तीसरे क्षोभ मंडल में स्थित ट्रफ‎ के साथ समुद्र तल से 2.1 किमी और 4.5‎ किमी की ऊंचाई के मध्य चक्रवात फैला है।‎ इसके असर से हरियाणा के ऊपर चक्रवाती‎ परिसंचरण सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल‎ की खाड़ी और उत्तरी कोंकण क्षेत्र में‎ मध्यप्रदेश और झारखंड तक फैला एक ट्रफ‎ अन्य चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है।‎ मौसम विभाग के मुताबिक इसके असर से‎ 12 जनवरी को बारिश हो सकती है।‎

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