कोनी रेत घाट के मुंशी की हत्या का मामला : पुलिस ने सुलझाई हत्या की गुत्थी, नाबालिग सहित आरोपी गिरफ्तार..

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बिलासपुर/ कोनी रेत घाट के मुंशी की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। चंद पैसों के लालच में कोनी क्षेत्र के एक युवक ने अपने नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था, कोनी पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर कार्रवाई कर रही है।

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पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया, कि कोनी रेत घाट के मुंशी मूलतः बिहार निवासी सत्येंद्र सिंह के पास बहुत पैसे होने की जानकारी नाबालिग आरोपी को थी। जिसे लूटने की फिराक में उसने अपने दोस्त के साथ मुशी की हत्या की साजिश रची। आरोपी मृतक को रोज गाड़ियों से वसूली करते देखा करते थे। मृतक के पास पैसे देख दोनो ने मिलकर रात के समय उससे रकम लूटने का प्लान बनाया। घटना की रात रेत घाट में अकेला पाकर पैसे के लिए झूमाझटकी के बीच चाकू से गले और सिर पर पत्थर से वार कर सत्येंद्र सिंह की हत्या कर मौके से भाग गए।

ऐसे पकड़े गए आरोपी

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली, कि आरोपी ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश पटेल घटना दिनांक की रात्रि को राधाकृष्ण मंदिर के पास उसके एक अन्य साथी के साथ घूमते दिखाई दिये , जिसकी पतासाजी की गई , जो पुलिस से बचने के लिए लुकछिप रहे थे और जिले से बाहर भागने की फिराक में थे। वह लोखण्डी निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे छिपा था , जिसे रात्रि में ही लगभग 22:00 बजे तत्काल घेराबंदी किया गया, तो पुलिस को देखकर भागने लगा, जिसे दौड़ाकर पकड़ा गया और अभिरक्षा में लेकर थाना लाया गया , जहां पूछताछ किया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर अपने एक नाबालिक साथी के साथ पैसा लुटने की नियत से मृतक के गले एवं सिर में पत्थर से कुचलकर हत्या करना स्वीकार किया।

पुलिस ने हाईवा चालक , ट्रेक्टर चालक तथा पिछले 15 दिनों के रेतघाट से आने – जाने वाले ट्रेक्टर ड्राईवर एवं ट्रेक्टर मालिक , हाईवा ड्राईवरों से लगातार पूछताछ की। जिसके बाद एक टीम को अन्य नाबालिक के निवास स्थान के आसपास मुखबिर तैनात कर तथा आसपास लगातार पुलिस स्टाफ के द्वारा नजर रखा गया , जिसके कारण नाबालिक कही भाग नहीं पाया और बिलासाताल के पास लगभग रात्रि 02:00 बजे के आसपास खेत में छुप कर बैठा हुआ मिला , जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया और थाना लाकर पूछताछ किया गया।

पकड़े जाने पर पुलिस को बताई वारदात की पूरी कहानी

आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया, कि नाबालिक आरोपी मृतक सतेन्द्र के साथ पूर्व परिचित था, और मृतक नाबालिक आरोपी के घर किराना सामान लेने आया करता था। जब भी छोटी मोटी पार्टी होती थी तो नाबालिक आरोपी को मृतक सतेन्द्र के द्वारा बुलाकर खाना पीना किया जाता था, इसी दौरान मृतक सतेन्द्र सिंह के पास रखे पैसे को नाबालिक आरोपी ने देखा था। बीते 21 मई की शाम को 5 बजे दोनों आरोपी राधाकृष्ण मंदिर के पास मिले और नाबालिक आरोपी द्वारा मृतक सतेन्द्र सिंह के पास बहुत पैसा होने की बात बताई, तो दोनों ने मिलकर पैसा लूटने का प्लान बनाया।

प्लान के मुताबिक नदी घाट होते हुए मृतक सतेन्द्र सिंह के सोये हुए तखत के पास पहुंचे और नाबालिक आरोपी द्वारा माचिस मांगने का बहाना बनाया, जिसको मृतक द्वारा पहचान लिया था, इसी समय लूटने की नियत से नाबालिक आरोपी अपने पास रखे चाकू से मृतक के गले तथा सिर में वार किया, और फिर चाकू को आरोपी ओमप्रकाश को दे दिया, और खुद पत्थर से वार किया, और आरोपी प्रकाश के द्वारा भी चाकू व पत्थर से वार कर उसे जमीन में गिरा दिया। इसके बाद मृतक के पास रखे बड़े टार्च और मोबाईल फोन को लेकर नदी की ओर चले गए। नदी किनारे खून से सने कपड़े और सिम, लोडिंग पर्ची को जला दिया, और चाकू को वहीं पर फेंककर आरोपी ओमप्रकाश मोबाईल तथा नाबालिक आरोपी बड़ा टार्च को लेकर चले गए।

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